रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी स्थित बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जैसे ही एक कपड़ा व्यापारी 40 वर्षीय मिंकू अग्रवाल की दुकान पर बुलडोजर चला उसे हार्ट अटैक आ गया और कुछ ही पल में मौत हो गई। व्यापारी की मौत के बाद सरकारी अमला आरोपों में घिर गया। सरकारी अमले पर ज़्यादती का आरोप लगाया गया। व्यापारियों का कहना था कि वह सड़क चौड़ीकरण के लिए सहयोग करने को तैयार थे लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। दुकान का सामान भी समेटने नहीं दिया और बुलडोजर लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई। एक व्यापारी अपना धंधा चौपट होते देख बर्दाश्त नहीं कर सका। व्यापारियों ने थाने में लाश को रखकर काफी देर तक प्रदर्शन किया। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।Accusations of excesses against government officials, demonstrations held at the police station, demanding action against those responsible
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि प्रशासनिक अमला जब अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी कर रहा था, उसी दौरान मिंकू अग्रवाल को घबराहट हुई और उन्हें दिल का दौरा पड़ा। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने बरगी थाने का घेराव कर शव को थाने में रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन की सख्ती और मानसिक दबाव के कारण यह हादसा हुआ है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में जिम्मेदार प्रशासनिक अमले ने व्यापारियों से समन्वय के क्या प्रयास किए और कहां चूक हुई? वरिष्ठ अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं।
