भूकंप : नेपाल में डेढ़ सौ से ज्यादा मौतें, हजारों की तादाद में इमारतें हुई जमींदोज, दिल्ली, एनसीआर की क्षति का आंकड़ा नहीं - khabarupdateindia

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Saturday, 4 November 2023

भूकंप : नेपाल में डेढ़ सौ से ज्यादा मौतें, हजारों की तादाद में इमारतें हुई जमींदोज, दिल्ली, एनसीआर की क्षति का आंकड़ा नहीं







शुक्रवार तथा शनिवार की दरमियानी रात 11:32 पर जिस भूकंप ने दिल्ली एनसीआर, यूपी, बिहार, राजस्थान समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में दस्तक दी, इसी भूकंप ने नेपाल में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की जान ले ली। भूकंप का केंद्र नेपाल ही था और यहां 6.4 मेग्नीट्यूड तीव्रता वाले भूकंप ने हजारों की तादाद में इमारतों को भी जमींदोज कर दिया। भारत के विभिन्न शहरों में भूकंप के प्रभाव से कितनी क्षति हुई आंकड़ा सामने नहीं आ सका है।

नेपाल में रात करीब 11 बजकर 32 मिनट पर 6.4 तीव्रता का भूकंप आया। उस समय 37 लोगों के मौत की खबर आई। सुबह तक यह आंकड़ा 141 पहुंच गया। सैकड़ों घरों के नुकसान की भी खबर है। हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं आया है। नेपाली मीडिया के मुताबिक, भूकंप का केंद्र काठमांडू से 331 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 10 किमी जमीन के नीचे था। जाजरकोट और रुकुम पश्चिम जिले में भूकंप का असर सबसे ज्यादा देखा गया। यहां अब तक 105 और 36 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड हालात का जायजा लेने जाजरकोट पहुंच चुके हैं।

मोदी ने कहा, हम नेपाल के साथ


नेपाल के 
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने तीनों सिक्योरिटी एजेंसियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी नेपाल के भूकंप मरने वाले लोगों के प्रति संवेदनाएं व्यक्ति की हैं। उन्होंने मुश्किल घड़ी में नेपाल की मदद करने का भरोसा जताया। नेपाल में साल 2015 में 7.8 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस दौरान करीब 9 हजार लोग मारे गए थे। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के टैक्टोनिक एक्सपर्ट जेम्स जैक्सन ने बताया कि भूकंप के बाद काठमांडू के नीचे की जमीन तीन मीटर यानी करीब 10 फीट दक्षिण की ओर खिसक गई।

भारत के विभिन्न राज्यों में रहा प्रभाव

मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर में भी झटके महसूस: राज्य के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और रीवा में भी भूकंप ​​​​​​के झटके महसूस किए गए। प्रदेश के आगर मालवा और मुरैना जिले के कुछ हिस्सों में भी धरती में कंपन महसूस किया गया।यूपी में राजधानी लखनऊ, गाजियाबाद, आगरा, कासगंज सहित कई जिलों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। गाजियाबाद के रहने वाले गोपाल ने बताया कि भूकंप के झटके 15 सेकंड से ज्यादा देर तक महसूस किए गए।
बिहार में पटना समेत आरा, दरभंगा, गया, वैशाली, खगड़िया, सिवान, बेतिया, बक्सर, बगहा, नालंदा, नवादा 11 जिलों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के दौरान करीब एक मिनट तक धरती हिलती रही। कई आफ्टर शॉक्स भी महसूस किए गए। सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और दरभंगा के कुछ हिस्से जोन 5 में आते हैं, जो बेहद खतरनाक हैं। राजधानी पटना सहित बिहार के बाकी हिस्से जोन 4 में आते हैं, जहां भूकंप का खतरा कम रहता है। 

अरावली पर्वतमाला की दरार एक्टिव हुई

भूगोल के जानकार के अनुसार अरावली पर्वतमाला के पूर्व में एक भ्रंश रेखा (दरार) है। यह भ्रंश रेखा राजस्थान के पूर्वी तट से होते हुए धर्मशाला तक जा कर मिलती है। इसमें राजस्थान के जयपुर, अजमेर, भरतपुर इलाके शामिल हैं।एक्सपर्ट का कहना है कि अरावली पहाड़ में जो दरारें हैं, उनमें हलचल शुरू हो चुकी है। अब ऐसे भूकंप के झटके जयपुर समेत इससे सटे हुए अन्य इलाकों में भी आते रहेंगे। 

22 अक्टूबर 2022 को भी आया था आए थे

22 अक्टूबर 2022 को नेपाल में पांच बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला भूकंप नेपाल के धाडिंग में सुबह 7:39 बजे 6.1 तीव्रता का तेज भूकंप आया था। उसके बाद 29 मिनट के अंदर चार झटके महसूस किए गए। भूकंप केंद्र के अनुसार, सुबह 8.08 बजे 4.3 तीव्रता का झटका आया, इसके बाद 8.28 बजे 4.3 तीव्रता और 8.59 बजे 4.1 तीव्रता का झटका लगा। पांचवां भूकंप शाम को 5.18 बजे आया, जिसकी तीव्रता 4.3 मापी गई।