मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट तथा राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तंखा के बीच कई सालों से चला रहा मानहानि का केस अब खत्म हो गया है। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेष और एन के सिंह की डबल बेंच के समक्ष रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। इस मामले में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह तथा खजुराहो सांसद वह मध्य प्रदेश के पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी डी शर्मा भी शिवराज सिंह चौहान के अलावा पक्षकार थे। कोर्ट 1 साल पहले ही दोनों पक्षों को आपसी समझौते की सलाह दे चुका था। The case, which had been going on for many years, has come to an end; the record has been filed before a double bench of the Supreme Court.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर वकील महेश जेठमलानी ने कोर्ट को बताया कि पार्टियों ने संसद में मुलाकात के बाद अपने मतभेद सुलझा लिए हैं। कोर्ट ने मंगलवार 3 फरवरी 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया है। जेठमलानी ने कहा कि हमें अदालत को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरे मुवक्किल और तन्खा संसद में मिले और प्रकरण सुलझा लिया है। विवेक तन्खा मानहानि का अपना सिविल मुकदमा और आपराधिक शिकायत दोनों वापस ले लेंगे। यह मामला 2021 का है। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनावों का दौर था। उस समय कांग्रेस नेता विवेक तन्खा सीनियर वकील के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनावों में ओबीसी रिजर्वेशन से जुड़े एक मामले के लिए कोर्ट में पेश हुए थे। मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर कुछ बयान दिए थे। इस पर विवेक तन्खा ने आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत चुनावों पर रोक के लिए उन्हें दोषी ठहराया। तन्खा का कहना था कि इन बयानों से उनकी छवि को नुकसान हुआ। उन्हें सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा। इसे आधार बनाते हुए उन्होंने सिविल और क्रिमिनल मानहानि केस दर्ज करवा दिया था। सिविल केस में 10 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की तथा आपराधिक शिकायत में धारा 500 भादंवि के तहत कार्यवाही की मांग की थी।
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर वकील महेश जेठमलानी ने कोर्ट को बताया कि पार्टियों ने संसद में मुलाकात के बाद अपने मतभेद सुलझा लिए हैं। कोर्ट ने मंगलवार 3 फरवरी 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका का निपटारा कर दिया है। जेठमलानी ने कहा कि हमें अदालत को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरे मुवक्किल और तन्खा संसद में मिले और प्रकरण सुलझा लिया है। विवेक तन्खा मानहानि का अपना सिविल मुकदमा और आपराधिक शिकायत दोनों वापस ले लेंगे। यह मामला 2021 का है। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनावों का दौर था। उस समय कांग्रेस नेता विवेक तन्खा सीनियर वकील के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनावों में ओबीसी रिजर्वेशन से जुड़े एक मामले के लिए कोर्ट में पेश हुए थे। मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर कुछ बयान दिए थे। इस पर विवेक तन्खा ने आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत चुनावों पर रोक के लिए उन्हें दोषी ठहराया। तन्खा का कहना था कि इन बयानों से उनकी छवि को नुकसान हुआ। उन्हें सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा। इसे आधार बनाते हुए उन्होंने सिविल और क्रिमिनल मानहानि केस दर्ज करवा दिया था। सिविल केस में 10 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की तथा आपराधिक शिकायत में धारा 500 भादंवि के तहत कार्यवाही की मांग की थी।
