रफीक खान
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले से ही चले आ रहे खेला में एक और घटना जुड़ गई है। यहां तृणमूल कांग्रेस की टूट और लूट के बीच कोलकाता के अलीपुरद्वार इलाके में स्थित सरकारी बिल्डिंग में आग लग गई। इस घटना में 4000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जलकर खाक हो गई। पहली मंजिल से शुरू हुई आग नवमी और दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंचती चली गई और आग को नियंत्रित नहीं किया जा सका? जिस सरकारी बिल्डिंग में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन रखी हुई थी, वहां कोलकाता जैसे महानगर में आग बुझाने के लिए क्या कोई संसाधन नहीं थे? इस तरह के अनेक सवाल है, जवाब सिर्फ जिम्मेदारों के पास है। Another 'Khela' (dramatic turn of events) in West Bengal: Why couldn't anyone stop the fire that spread from the first to the tenth floor?
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि दक्षिण कोलकाता के अलीपुर इलाके में नौ मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। इस इमारत में अन्य विभागों के अलावा दक्षिण 24 परगना जिला परिषद का कार्यालय भी था। बंगाल सरकार में फायर और इमरजेंसी सर्विस के राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा आग में करीब 4000 ईवीएम नष्ट हो गईं। इन ईवीएम का इस्तेमाल राज्य में इस साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 10 निर्वाचन क्षेत्रों में किया गया था। आग चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को प्रभावित किए बिना सातवीं और आठवीं मंजिल तक कैसे पहुंची? पूरे मामले की जांच चल रही है। यह सामान्य आग नहीं लगती।
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