रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 29 तथा 30 सितंबर की दरमियानी रात 12:00 बजे के बाद रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के सनसनी के हत्या मामले में पुलिस को जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सीसी कैमरों के फुटेज में रात करीब सवा 2:00 बजे 2 दिन पूर्व आया केयरटेकर वरुण कुमार बैग लेकर भागते हुए नजर आया है। शुक्रवार को आईएएस अधिकारी का मोबाइल उसके दोस्त के पास आगरा में पुलिस ने बरामद किया है। वह भोपाल से ट्रेन में बैठकर दिल्ली की ओर भागा है तथा बीना होते हुए आगरा में उतरा था। पुलिस उसके पिता से भी सघ न पूछताछ कर रही है। केयरटेकर उपलब्ध कराने वाला एजेंसी संचालक भी फरार है। उसके कार्यालय में ताला लटका हुआ है तथा किराएदारी का एग्रीमेंट भी 30 सितंबर को समाप्त हो गया। कुछ माह पूर्व एक फ्रॉड के सिलसिले में अजीत पाटनी के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR भी इस घटना से जुड़ी नजर आ रही है। संदेह और सुराग तो बहुत सामने आए हैं लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरा खुलासा हो पाएगा। Mobile phone recovered in Agra; accused fled with the bag at 2:15 AM; son, who traveled 12,000 km, performed the last rites.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कहा जाता है कि वरुण कुमार मूलत: हरियाणा राज्य का रहने वाला है। गुरुग्राम के पास उसका पैतृक घर है। मां के निधन के बाद उसने परिवार जनों से संपर्क नहीं किया है। पिता ने दूसरी शादी कर ली, बहन से भी पूछताछ की गई है। वरुण ने हत्या के बाद पूरे घर को आग के हवाले करने का प्लान भी किया था लेकिन यह कामयाब नहीं हो पाया। अलमारी में से काफी सामान गायब मिला है। उसका चरित्र सत्यापन पंजाब के पटियाला से होना सामने आया है लेकिन वह काफी पुराना है. मामले में अजीत पत्नी के अलावा वर्मा हेल्थ होम केयर एजेंसी के संचालक अखिल वर्मा तथा आनंद वर्मा भी लापता है. ऐसी स्थिति में दोनों का घटना से जुड़ा होना सामने आ रहा है। फरार केयरटेकर वरुण की सुपारी किलर के रूप में भी काम करने की संभावना है। शुक्रवार को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार भदभदा में अमेरिका से आए उनके पुत्र सिद्धांत उर्फ सिद्ध अग्रवाल द्वारा कर दिया गया। निष्पक्ष जांच के लिए आईएएस तथा आईपीएस अधिकारियों का जबरदस्त दबाव बना हुआ है और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी हर घंटे तप्तीश की अपडेट ले रहे हैं। राजधानी भोपाल में बड़े पैमाने पर बुजुर्ग दंपतियां होम केयरटेकर के भरोसे जीवन यापन कर रही हैं। केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों की संख्या भी काफी है और सब कटघरे में खड़ी हो गई हैं।
