23 साल बाद शहडोल में शबनम की जगह चुनाव मैदान में उतरी काजल मौसी, पूरे प्रदेश में थर्ड जेंडर की वजह से रोचक होगा मुकाबला - khabarupdateindia

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Thursday, 2 November 2023

23 साल बाद शहडोल में शबनम की जगह चुनाव मैदान में उतरी काजल मौसी, पूरे प्रदेश में थर्ड जेंडर की वजह से रोचक होगा मुकाबला



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मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला शहडोल में 23 साल बाद थर्ड जेंडर की यादें एक बार फिर ताजा हो रही है। वर्ष 2000 में जिले की सुहागपुर विधानसभा सीट से शबनम मौसी ने चुनाव लड़ा था। इस बार जैतपुर विधानसभा क्षेत्र से काजल मौसी नाम की थर्ड जेंडर ने पर्चा दाखिल किया है और वह वास्तविक भारत पार्टी से प्रत्याशी होगी।

23 साल पहले साल 2000 में शहडोल जिले के सोहागपुर (वर्तमान जयसिंहनगर) विधानसभा में हुए उपचुनाव में शबनम मौसी ने जीत दर्ज कर प्रदेश की राजनीति में एक अलग लाइन खींच दी थी। शबनम मौसी देश की पहली थर्ड जेंडर विधायक बनी थी। सोहागपुर सीट 1999 में कांग्रेस के कद्दावर नेता केपी सिंह के निधन से खाली हुई थी। तब उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी से केपी सिंह के पुत्र बृजेश सिंह और भाजपा से लल्लू सिंह मैदान में थे। उस समय शहडोल की जनता ने कांग्रेस और भाजपा के बजाय किन्नर शबनम मौसी को चुनना ज्यादा बेहतर समझा था। शहडोल की जनता की इसी पसंद के बाद प्रदेश में शहडोल को राजनीति में प्रयोग के लिए जाना गया। नामांकन दाखिले के समय उनके जेंडर पर सवाल उठाए गए थे। इस पर काजल मौसी ने कहा आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेज में महिला लिखा है। इस वजह से लिखा-पढ़ी में भले प्रशासन महिला बताए, लेकिन जनता के बीच काजल मौसी बनकर ही जाएंगी, जिस रूप में जनता उन्हें जानती-पहचानती हैं।