अंततः कमलनाथ की छुट्टी, मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान जीतू पटवारी के हाथ, उमंग सिंघार को बनाया नेता प्रतिपक्ष - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Sunday, 17 December 2023

अंततः कमलनाथ की छुट्टी, मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान जीतू पटवारी के हाथ, उमंग सिंघार को बनाया नेता प्रतिपक्ष





Rafique Khan


मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लंबे समय से चर्चा रही थी कि कमलनाथ जल्द ही इस्तीफा देंगे और किसी नए चेहरे पर प्रदेश की कमान सौंपने की मुहर लगेगी। शनिवार को तमाम अटकलें दूर हो गई और प्रदेश शिक्षक पद से कमलनाथ को हटा दिया गया। कमलनाथ की जगह राहुल गांधी के करीबी जीतू पटवारी को एमपीसीसी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। वहीं कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए नेता प्रतिपक्ष के रूप में उमंग सिंघर को जिम्मेदारी सौंपी है। उमंग गंधवानी से विधायक है तथा भिंड विधानसभा सीट से विधायक बने हेमंत कटारे उप नेता प्रतिपक्ष होंगे। हेमंत प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय सत्यदेव कटारे के बेटे हैं।


बताया जाता है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। उमंग सिंघार और जीतू पटवारी किसी भी खेमे के नेता नहीं है। ऐसे में आलाकमान ने बड़ा संदेश दिया है कि अब एमपी की सियासत में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की मनमर्जी नहीं चलेगी। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए एमपी में तीन बड़े वर्गों को साधने की कोशिश की है। जीतू पटवारी को ओबीसी वर्ग से आते हैं। वह खाती समाज से हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार आदिवासी समुदाय से आते हैं। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सामान्य वर्ग हैं और ब्राह्मण नेता हैं। ऐसे में कांग्रेस ने जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा है।

राजनीतिक सफर में खासी तेज रही रफ्तार

बताया जाता है कि 47 वर्ष के जीतू पटवारी के 15 साल के राजनीतिक सफर में पटवारी की रफ्तार खासी तेज रही। वे प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने। बीते समय से कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, दो बार विधायक, 16 महीने की सरकार में मंत्री बने और अब प्रदेश संगठन की कमान संभालेंगे। इंदौर के शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय से पढ़ाई के साथ राजनीति का ककहरा सीखने वाले जीतू पटवारी बीते समय से ही दिल्ली के करीबी माने जाते हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का उन्हें क्षेत्र में प्रभारी बनाया गया। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा निकाली गई जन आक्रोश यात्रा के वे प्रभारी रहे।

राऊ क्षेत्र से लगातार दो बार विधायक रहे

राऊ क्षेत्र से दो बार लगातार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ताजा विधानसभा चुनाव में पटवारी की हार हुई, लेकिन समर्थकों ने इस पर यकीन नहीं किया। समर्थक अब भी मानते हैं कि हार के पीछे का सच कुछ और है। जीतू पटवारी के अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी के साथ प्रदेश कांग्रेस ने ओबीसी चेहरे को भी आगे कर दिया है। अपनी मुखरता और भाजपा पर हमलावर रुख रखने के कारण पटवारी की पहचान पूरे प्रदेश में है। कार्यकारी अध्यक्ष और मंत्री रहते पटवारी ने अपने समर्थकों का आधार भी पूरे प्रदेश में बनाया। खाती समाज से ताल्लुक रखने वाले पटवारी के समर्थक दावा करते हैं कि समाज के वोट प्रदेश की 45 प्रतिशत सीटों पर असर करते हैं। इंदौर के साथ आष्टा, सीहोर, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, धार, विदिशा, उज्जैन, देवास, ब्यावरा जैसे क्षेत्रों में समाज के वोटों का बड़ा असर है।