फर्जी रजिस्ट्री मामले में जबलपुर पुलिस की कार्रवाई, आठ आरोपियों में 4 गिरफ्तार, बाकी की सरगर्मी से तलाश - khabarupdateindia

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फर्जी रजिस्ट्री मामले में जबलपुर पुलिस की कार्रवाई, आठ आरोपियों में 4 गिरफ्तार, बाकी की सरगर्मी से तलाश


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में मुस्लिम बाहुल्य इलाके से निर्वाचित निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा तथा उसके भांजे यूसुफ जावेद को पुलिस ने फरार तथा पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पार्षद शफीक हीरा द्वारा कई आरोपियों के साथ मिलकर संगठित अपराध करते हुए फर्जी रजिस्ट्री के माध्यम से एक प्लाट पर दावा किया था। प्लॉट के असली मालिक हाजी मोहम्मद असलम पहलवान तथा अधिवक्ता मोहम्मद अल्तमश ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को की, जिस पर जांच के उपरांत सामने आया कि पार्षद का गिरोह फर्जीबाड़ा कर रहा था। मामले में चार आरोपियों को गोहलपुर पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 4 अभी फरार है। इनमें मुख्य तौर पर पार्षद शफीक हीरा उसका भांजा यूसुफ जावेद शामिल है। पुलिस ने फरार पार्षद की हिस्ट्रीसीट भी खोल दी है। शहर के विभिन्न थानों में दर्जन भर से ज्यादा आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। इनमें हत्या का प्रयास, लूट, जुआ और आर्म्स एक्ट जैसे अपराध है।Jabalpur police arrest four of eight accused in fake registry case, search underway for others.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि थाना गोहलपुर अंतर्गत अपराध क्रमांक 522/2025, धारा 318, 337, 338, 34 (भारतीय न्याय संहिता) दिनांक 24/07/2025 को फर्जी आधार कार्ड तैयार कर, फर्जी महिला खड़ी कर षड्यंत्रपूर्वक भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराने का गंभीर मामला पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी शाहजहाँ, जावेद उर्फ गोश बाबू, कलीम को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं फरार आरोपियों में भू-माफिया व निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा, उसका भांजा यूसुफ जावेद खान, असगर अली, टीपू एवं आयुष शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक जबलपुर एवं थाना गोहलपुर पुलिस द्वारा फरार आरोपियों पर ₹5000-₹5000 का इनाम घोषित किया गया है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शफीक हीरा के कार्यालय में ही फर्जी आधार कार्ड तैयार किए गए, एक फर्जी महिला खड़ी की गई और अधिवक्ता मोहम्मद अल्तमश एवं मोहम्मद असलम की भूमि की रजिस्ट्री षड्यंत्रपूर्वक यूसुफ जावेद के नाम कराई गई। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि शफीक हीरा कई दिनों से 1.5 माह फरार होने के बावजूद सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर रहा है, जबकि यूसुफ जावेद और अन्य आरोपी पिछले 6 माह से फरार है। इसके बावजूद अब जाकर पुलिस द्वारा इनाम घोषित किया गया है। पीड़ित अधिवक्ता मोहम्मद अल्तमश व मोहम्मद असलम का कहना है कि भूमि प्लॉट नंबर 98, संजीवनी अस्पताल के पास, जबलपुर — पर आज भी उनका वैध कब्जा है, इसके बावजूद फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से रजिस्ट्री की गई। इस पूरे प्रकरण में पीड़ित व उसके परिवार को आरोपियों से जान से खतरा बना हुआ है , जिससे उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है। फरार आरोपियों शफीक हीरा व यूसुफ जावेद पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क (राजसात) की जाए। षड्यंत्र में शामिल सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। ज्ञात रहे कि इस प्रकरण में जिला अधिवक्ता संघ द्वारा शिकायत प्रस्तुत कर विधिक कार्यवाही कराई गई है।