अब स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग एक होगा, मंत्री परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने की अध्यक्षता - khabarupdateindia

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अब स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग एक होगा, मंत्री परिषद की बैठक में लिया गया निर्णय, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने की अध्यक्षता




Rafique Khan

मध्य प्रदेश में लंबे समय से लोक स्वस्थ एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग अलग-अलग संचालित होते रहे हैं और कई बार सामंजस्य स्थापित करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना भी होता चला आया है। प्रदेश सरकार ने अब दोनों विभागों को एक कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2011 के प्रावधानों में संशोधन करते हुए दोनों ही विभागों के विलय को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा मंत्री परिषद की बैठक में और भी निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के विलय की स्वीकृति दी गई। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग का विलय कर "लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग" के रूप में पुनर्गठित किया जायेगा। मेडिकल कॉलेज रूटीन चिकित्सा सेवाएं देने के बजाय अति गंभीर/विशिष्ट उपचार, चिकित्सा शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे। शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर की प्रभावी निगरानी हो सकेगी। मेडिकल कॉलेजों की बेस्ट प्रेक्टिसेस का स्वास्थ्य केन्द्रों में उपयोग किया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेजों से जिला चिकित्सालयों को संबद्ध करना आसान हो जाएगा। स्वास्थ्य नीति और विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं नियंत्रण में सुविधा मिलेगी। आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में दोनों विभागों के विलय की अनुशंसा की गई थी।

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन

मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2011 के प्रावधानों में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। वर्तमान में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय चिकित्सा, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, नेचरोपैथी आदि में पाठ्यक्रम संचालित करता है। नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थाओं और छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को नर्सिंग एवं पैरामेडिकल को छोड़कर अन्य विषयों के पाठ्यक्रम संचालित करने का दायित्व दिया जायेगा। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विषयो से संबंधित पाठ्यक्रम का संचालन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित अन्य विश्व विद्यालयों के माध्यम से किया जायेगा।

PM कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स की स्वीकृति

मल्हारगढ़ उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 87 करोड़ 25 लाख रूपये से अधिक की स्वीकृति1 अशोकनगर की तहसील मुंगावली में बेतवा नदी पर 87 करोड़ 25 लाख रूपये लागत की मल्हारगढ़ उद्वहन सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी है। परियोजना से मुंगावली तहसील के 26 ग्रामों के 7500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी।रतलाम जिले में तलावड़ा बैराज के निर्माण के लिये 264 करोड़ रूपये की स्वीकृति1 मंत्रि-परिषद द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अतंर्गत प्रदेश के सभी जिलों में 1-1 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेन्स स्थापित करने की स्वीकृति दी है। इसके लिए कुल 485 करोड़ रूपये के व्यय की स्वीकृति दी गयी। मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं के शिक्षकों/कर्मचारियों को 1 जनवरी 2006 से छठवें वेतनमान का लाभ देने एवं 206 करोड़ 80 लाख रूपये के अनुमानित व्यय का अनुमोदन दिया गया है। मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी1