रेल कर्मी और उसके मासूम बेटे की हत्या का मामला :14 साल की बेटी घटना के बाद बॉयफ्रेंड के साथ निकलते हुई सीसी कैमरे CC CAMERA में कैद - khabarupdateindia

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रेल कर्मी और उसके मासूम बेटे की हत्या का मामला :14 साल की बेटी घटना के बाद बॉयफ्रेंड के साथ निकलते हुई सीसी कैमरे CC CAMERA में कैद


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में स्थित मिलेनियम रेलवे कॉलोनी के जिस डबल मर्डर JABALPUR DOUBLE MURDER की सुर्खियां एक दिन पहले बनी थी, उसमें सीसी कैमरे के फुटेज से एक नया ट्विस्ट आ गया है। फुटेज में रेल कर्मी की 14 वर्षीय बेटी हत्या के आरोपी के साथ कॉलोनी के गेट से बाहर निकलते हुए नजर आ रही है। अब तक दोनों पुलिस की पकड़ से बाहर है लेकिन ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन से यह बात लगभग तय हो रही है कि 14 वर्षीय बेटी और उसका बॉयफ्रेंड ही इस डबल बॉर्डर के गुनहगार है। दरअसल 14 वर्षीय बेटी और उसके बॉयफ्रेंड के अंतरंग संबंधों में रेल कर्मी पिता आड़े आ रहा था। बात तब और बिगड़ गई थी जब भेड़ाघाट में पकड़े जाने के बाद पिता ने 14 वर्षीय बेटी के प्रेमी के खिलाफ पोक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कर दिया था। बॉयफ्रेंड गिरफ्तार हुआ, जेल गया और जब छूट कर आया तो इस सनसनीखेज घटना की प्लानिंग कर डाली। इतनी छोटी उम्र की बेटी भला कैसे अपने पिता और भाई की नृशंस हत्या कर सकती है? आसानी से भरोसा नहीं होता है लेकिन पुलिस के पास जो कड़ियां जुड़ते हुए सामने आ रही है, वह इसी तरह की सच्चाई को बयां कर रही है।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है। इसी बीच हत्या के बाद CCTV फुटेज सामने आए है। जहां हत्या के बाद से मौके से नदारद मृतक की बेटी आर्या (14) अपने पिता और भाई के हत्यारें के साथ कॉलोनी से बाहर जाते दिख रही है। जिसको देखने के बाद पुलिस कयास लगा रही है कि बेटी ने प्रेम प्रसंग के चलते अपने प्रेमी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। गौरतलब है कि मृतक रेलकर्मी राजकुमार और उनके बेटे तनिष्क की बीते दिन संदिग्ध आरोपी मुकुल सिंह द्वारा बेरहमी से हत्या कर मौत के घाट उत्तार दिया गया। इस वारदात को अंजाम आरोपी ने सुबह दिया। इसके कुछ घंटे के बाद आरोपी मुकुल सिंह के साथ दो पहिया पर सवार होकर फरार हो गई। CCTV फुटेज में आरोपी की गाड़ी मदन महल रेलवे स्टेशन के वाहन स्टैंड में मिली। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों ट्रेन से भागे। पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि पता चल सके कि दोनों किस ट्रेन से भागे थे।

हत्या की प्लानिंग बहुत पहले से की गई

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि फ़िलहाल पुलिस को रेलकर्मी और उसके 8 साल के बेटे की हत्या का शक 14 साल की बेटी और उसके बॉयफ्रेंड पर है। पुलिस ने सरकारी आवास कैंपस में लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का अनुमान है कि पड़ोस में रहने वाले मुकुल से प्रेम संबंध था, जिससे पिता को ऐतराज था और इसीलिए इस जघन्य हत्याकाण्ड को अंजाम दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस हत्या की प्लानिंग बहुत पहले से की गई थी। राजकुमार को हफ्ते में दो दिन दूध लेने वाले दीपक को मैसेज किया जाता था, लेकिन उस दिन उसकी बेटी ने खुद दूध लेने आई थी।

पहले धारदार हथियार से वार, फिर छोटे गैस सिलेंडर से

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले धारदार हथियार से वार किया और फिर छोटे गैस सिलेंडर से सिर पर मारा। इसके बाद उन्होंने घर का दरवाजा बंद कर दिया।मुकुल सिंह (20) का पिता, आरपी सिंह, एक रेलवे कंट्रोलर है। मुकुल एक प्राइवेट कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। उनके घर में एक बड़ा भाई और एक बहन भी हैं। मुकुल की माँ का निधन 22 फरवरी को हुआ था। आरपी सिंह ने बताया कि जब वे शाम को घर लौटे, तो घर के बाहर भीड़ लगी हुई थी। जब उन्होंने पूछा, तो उन्हें हत्या के बारे में पता चला, लेकिन उन्हें अब तक नहीं पता कि उनका बेटा कहां है। पड़ोस में रहने के कारण मुकुल और लड़की में दोस्ती हो गई थी। वे एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे थे। बताया जाता है कि उन दोनों के बीच प्यार हो गया था। लड़की के पिता को इसके बारे में पता चल गया था, और उन्होंने लड़के और उसके पिता को समझाया भी था। मई 2023 में पत्नी की मौत के बाद, राजकुमार ने अपने दोनों बच्चों को पिपरिया में छोड़ दिया था। नौकरी के कामों के कारण, वह जबलपुर लाता था, लेकिन बहुत कम समय के लिए ही। पुलिस के मुताबिक, 14 मार्च की रात में ही हत्या की गई थी। पहले आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला किया और फिर छोटे गैस सिलेंडर से सिर पर मारा। जाने के दौरान, आरोपी घर का दरवाजा बाहर से बंद करके गए थे1 सितंबर 2023 में आरोपी मुकुल और लड़की भाग गए थे। पुलिस ने उन्हें दो दिनों बाद भेड़ाघाट क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। लड़की नाबालिग थी, इसलिए उसके पिता ने पुलिस को मुकुल के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसी केस में कुछ दिन पहले मुकुल को जमानत पर छोड़ दिया गया था।