SC की सख्ती के बाद "इलेक्टोरल बांड" मामले में SBI ने पूरा डाटा सौंपा चुनाव आयोग को, 15 मार्च तक वेबसाइट पर हो जाएगा अपलोड - khabarupdateindia

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SC की सख्ती के बाद "इलेक्टोरल बांड" मामले में SBI ने पूरा डाटा सौंपा चुनाव आयोग को, 15 मार्च तक वेबसाइट पर हो जाएगा अपलोड


रफीक खान
इलेक्टोरल बांड यानी कि चंदे का धंधा मामले में भारत की सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक सख्ती दिखाई और स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया SBI को विवश कर दिया कि वह पूरा का पूरा डाटा चुनाव आयोग के सुपुर्द कर दे। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मंगलवार शाम 5:30 बजे स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने पूरा डाटा चुनाव आयोग को सौंप दिया। अब चुनाव आयोग इस पूरे डेटा को 15 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर देगा। बार ऐड बेंच ने यह जानकारी अपने X हैंडल पर सार्वजनिक की है। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया डी वाई चंद्रचूर्ण इस मामले में अपनी टीम के साथ न सिर्फ लगातार निगरानी कर रहे थे बल्कि पूरी कोशिश थी कि किसी भी तरह की बहाने बाजी आड़े ना आ पाए।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने से जुड़े केस में SBI की याचिका पर सोमवार (11 मार्च) को सुप्रीम कोर्ट ने करीब 40 मिनट सुनवाई की थी। SBI ने कोर्ट से कहा था- बॉन्ड से जुड़ी जानकारी देने में हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसके लिए कुछ समय चाहिए। इस पर CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा- पिछली सुनवाई (15 फरवरी) से अब तक 26 दिनों में आपने क्या किया? सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा- SBI 12 मार्च तक सारी जानकारी का खुलासा करे। इलेक्शन कमीशन सारी जानकारी को इकट्ठा कर 15 मार्च शाम 5 बजे तक इसे वेबसाइट पर पब्लिश करे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड की बिक्री पर रोक लगा दी थी। साथ ही SBI को 12 अप्रैल 2019 से अब तक खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी 6 मार्च तक इलेक्शन कमीशन को देने का निर्देश दिया था। 4 मार्च को SBI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर इसकी जानकारी देने के लिए 30 जून तक का वक्त मांगा था। इसके अलावा कोर्ट एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की उस याचिका पर भी सुनवाई की, जिसमें 6 मार्च तक जानकारी नहीं देने पर SBI के खिलाफ अवमानना का केस चलाने की मांग की गई थी।