सिंगरौली में BJP ने लगाई पत्रकारों की "बोली", मीडिया प्रभारी का वीडियो हुआ वायरल, संगठन आया सकते में - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Tuesday, 16 April 2024

सिंगरौली में BJP ने लगाई पत्रकारों की "बोली", मीडिया प्रभारी का वीडियो हुआ वायरल, संगठन आया सकते में


रफीक खान
मध्य प्रदेश के कोयलांचल सिंगरौली जिले से भाजपा मीडिया प्रभारी नीरज सिंह का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ। वीडियो में नीरज सिंह एक लिस्ट लिए नजर आ रहे हैं और मीडिया कर्मियों यानी कि पत्रकारों को मैनेज करने की बात कहीं जा रही है। लोकसभा चुनाव 2024 में यह एक अपने तरह का अनूठा वीडियो है। वीडियो वायरल होने के बाद सिंगरौली तथा आसपास के इलाकों के गली चौराहों पर इसकी जबरदस्त चर्चा हो रही है। पत्रकारों को उनकी हैसियत के हिसाब से कीमत लगाने वाला यह वीडियो जहां मीडिया जगत को बदनाम करने वाला तो है ही, वही साफ सुथरी राजनीति का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी को भी एक बार फिर हफ्ते में डाल दिया है। उधर कुछ लोगों ने इस मामले को जिला निर्वाचन अधिकारी तक भी पहुंचा दिया है। वायरल वीडियो की लिस्ट में सिंगरौली जिले के कमोबेश सभी पत्रकारों के नाम और उनको मिलने वाली राशि का जिक्र किया गया है। यह राशि लोकसभा चुनाव में सीधी सिंगरौली प्रत्याशी राजेश मिश्रा की समर्थन में खबर चलवाने और मीडिया को एक तरह से मैनेज करने के लिए देने के संकेत सामने आए हैं।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है किमामले की शिकायत चुनाव आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास तक भी पहुंच चुकी है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा इस पूरे मामले में साधी गई चुप्पी से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस पूरी साजिश में कहीं न कहीं भाजपा जिलाध्यक्ष का हांथ है। अहम बात तो यह है कि मीडिया कर्मियों को बदनाम करने के प्रयास में पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी पार्टी का बंटाधार करने की भी तैयारी पूरी कर चुके हैं। आखिर मीडिया प्रभारी द्वारा लिस्ट के साथ मीडिया कर्मियों की बोली लगाने का प्रयास किया गया है। निश्चित ही यह राशि कहीं न कहीं से उपलब्ध कराई गई होगी। अब सवाल यह उठता है कि यह राशि आई कहां से? जिसे मीडिया प्रभारी द्वारा मीडिया कर्मियों को उपलब्ध कराये जााने की बात की जा रही है। अलग-अलग लोगों के लिए मीडिया प्रभारी द्वारा अलग-अलग बोली लगाई गई। वीडियो बनाये जाते समय मीडिया प्रभारी अपने आफिस में मौजूद हैं तथा बकायदा मीडिया कर्मियों का नाम ले लेकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।