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सवा लाख बुजुर्गों को नहीं मिलेगी अब मासिक पेंशन, इंदिरा गांधी ओल्ड एज पेंशन स्कीम के तहत दी जाती थी यह राशि, जांच में नहीं पाया गया पात्र


रफीक खान
मध्य प्रदेश में रहने वाले एक लाख बुजुर्गों को तगड़ा झटका लगा है। उन्हें हर महीने मिलने वाली ₹600 मासिक पेंशन अब नहीं मिलेगी। इसके पीछे उनका जांच के दौरान पात्र ना पाया जाना कारण बताया जा रहा है। बुजुर्गों को यह पेंशन इंदिरा गांधी ओल्ड एज पेंशन स्कीम के तहत प्रदान की जाती थी। सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से इस पेंशन का वितरण होता था और सत्यापन प्रक्रिया में पात्र नहीं पाए गए बुजुर्गों को यह झटका लगा है, हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि अगर बुजुर्ग खुद को सच साबित करने में कामयाब हो गए तो उन्हें पुनः पेंशन शुरू की जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि पेंशन स्कीम से बाहर किए गए बुजुर्गों को 86 करोड़ रुपये की पेंशन मिलती थी। प्रदेश में इस वक्त 56.5 लाख पेंशन धारक हैं। इन सभी को मिलाकर सरकार 340 करोड़ रुपये पेंशन देती है। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को बता दिया गया है कि अगर कोई अपात्र बुजुर्ग खुद को पात्र साबित कर देता है और दोबारा आवेदन करता है तो उसके दस्तावेजों की तुरंत जांच करें. अगर वे वास्तव में पात्र हैं तो इसकी जानकारी तुरंत भोपाल भेजें जय अगर वे सही पाए गए तो बुजुर्ग को पेंशन के साथ-साथ एरियर भी दिया जाएगा. यह काम 15 जुलाई तक पूरा किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने भी एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि किसी भी हितग्राही की पेंशन नहीं रोकी जा रही है ना ही पेंशन बंद की जा रही है केवाईसी आदि के अपग्रेडेशन के चलते जिन भी हितग्राहियों की पेंशन को रोका गया है उन्हें पर्याप्त अवसर देकर पेंशन बहाली करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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