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आदिवासियों की बेदखली के लिए गया था प्रशासन व पुलिस का अमला, वकील का वकालत करना गुजरा नागवार


रफीक खान
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में गुरुवार को एक वकील साहब को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उन्हें घसीटा और कपड़े भी फाड़ डाले गए। दरअसल वकील साहब आदिवासियों को बेदखल करने गए प्रशासन व पुलिस के अमले का विरोध कर रहे थे। वकील साहब ने सरकार द्वारा आवंटित किए गए पेपर भी दिखाने की कोशिश की लेकिन पुलिस को यह नागवार गुजरा। घटना के बाद अधिवक्ताओं में जबरदस्त रोष व्याप्त है। The administration and police team had gone to evict tribals; a lawyer's advocacy on their behalf was not well-received

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि समान थाना क्षेत्र में आदिवासी की जमीन पर बेदखली की कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा अधिवक्ता नीरज वर्मा के साथ बर्बरता की घटना सामने आई है। पुलिसकर्मियों पर वकील को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटने, कॉलर पकड़कर घसीटने और उनके कपड़े फाड़ने का आरोप लगा है। पीड़ित अधिवक्ता नीरज वर्मा के अनुसार, वह श्यामलाल कोल नामक आदिवासी के पट्टे की जमीन बचाने और प्रशासन को दस्तावेज (स्टे आवेदन) दिखाने गए थे।आरोप: वकील का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की टीम भू-माफिया के साथ मिली हुई थी। विरोध करने पर पुलिस ने उनके साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया, उनके कपड़े फाड़े और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गए। उधर पुलिस का कहना है कि कोर्ट द्वारा जरिया आदेश के आधार पर कार्रवाई की जा रही थी। वकील शास्त्री कर में बाधा उत्पन्न कर रहे थे।
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