रफीक खान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एक बयान में सरकार की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा कि जल्द ही प्रदेश में शराब बंदी की जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में नई आबकारी नीति को लागू किया जाएगा। इसके तहत धार्मिक महत्व वाले स्थलों को पहले शराब बंदी की श्रेणी में शामिल किया गया है। जिससे जबलपुर समेत प्रदेश के डेढ़ दर्जन जिले प्रभावित होने की संभावना है। डॉ मोहन यादव द्वारा जारी किए गए बयान पर शुक्रवार को संकल्प के रूप में मोहर लगा सकती है। Preparations for liquor ban in one and a half dozen districts of MP including Jabalpur, CM Dr. Mohan Yadav gave a statement in Gotegaon, it can be approved on Friday
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी की जाएगी। शुक्रवार को महेश्वर में होने वाली प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में नशाखोरी की आदत खास कर शराब से परिवार के परिवार बर्बाद हो जाते हैं। यह एक बड़ा कष्ट है। शराब से सामाजिक बुराई आती है। कोई देशी नहीं कोई विदेशी नहीं। सभी प्रकार के धार्मिक शहरों में शराब की दुकानों में ताले लगाए जाएंगे। उज्जैन (महाकालेश्वर मंदिर), ओंकारेश्वर (12 ज्योर्तिलिंग में शामिल), ओरछा (रामराजा सरकार की नगरी), मंडला (नर्मदा के प्रसिद्ध घाट), महेश्वर (पर्यटन नगरी, नर्मदा किनारे कई प्राचीन मंदिर), दतिया (प्रसिद्ध पीतांबरा माई का मंदिर), मुलताई (प्रसिद्ध धार्मिक ताप्ती नदी का उद्गम स्थल), मैहर (मां शारदा का प्रसिद्ध मंदिर), बरमान घाट और मंडेलश्वर (दोनों ही मां नर्मदा के प्रसिद्ध घाट हैं), पन्ना (जुगलकिशोर भगवान का प्राचीन मंदिर), सांची को भी इसमे शामिल किया जा सकता है, अमरकंटक (नर्मदा उद्गम स्थल, नर्मदा मंदिर), जबलपुर (नर्मदा के किनारे बसा शहर, भेड़ाघाट आदि ), नलखेड़ा (मां बगलामुखी माता का प्रसिद्ध मंदिर), सलकनपुर (प्रसिद्ध देवी मंदिर), चित्रकूट (धार्मिक नगरी, भगवान राम का वनवास में बिताया समय वाला छेत्र), मंदसौर (भगवान पशुपतिनाथ का प्रसिद्ध मंदिर) आदि स्थानों को शराब बंदी वाले में शामिल किया जा सकता है।
