जबलपुर। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच कथित तौर पर चल रही अनबन और उसे पर सियासी गलियारों में हो रही चर्चाओं के बीच यह खबर सामने आई है कि बीती रात दोनों ही नेताओं के बीच घंटों चर्चा चलती रही। विधानसभा चुनाव में किस तरह कांग्रेस परचम लहराए, इस पर पूरा फोकस किया गया। दोनों दिग्गजों के बीच हुई इस चर्चा के पीछे जहां कुछ लोग सोनिया गांधी का हस्तक्षेप कारण बता रहे हैं तो वही अनेक लोग दोनों के मतभेद को नूरा कुश्ती मान रहे हैं। दिग्विजय पूर्व में ही इस मामले में अपनी सफाई दे चुके हैं।
बीती रात कमलनाथ -दिग्विजय सिंह के बीच लम्बी चर्चा हुई। इस बातचीत में विवादास्पद मुद्दों का क्या हल निकला? यह तो सामने नहीं आया, अलबत्ता रविवार को एक वीडियो मैसेज जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह ने साफ किया कि उनके और कमलनाथ के बीच कोई मतभेद नहीं है। यह सब भाजपा द्वारा फैलाई गई भ्रामक खबरें हैं। रविवार को सिंह ने अपने दो समर्थक कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय का शुभारंभ किया। सोमवार दतिया इलाके में रहने के बाद वे नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। मंगलवार को कांग्रेस के बड़े नेताओं से उनकी मुलाकात संभव है। सिंह और नाथ की जोड़ी पूर्व की तरह कब से मैदान में नजर आएगी। नाम वापसी में मात्र दो दिन बचे हैं ऐसे में नाराज और बागी प्रत्याशियों को मनाना सबसे बड़ी चुनौती है। खबर है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी कुछ नेताओं को जिलों में तैनात कर नाराज नेताओं से बैठकें करने को कहा है।
ऐसा माना जा रहा था
ऐसा माना जा रहा था कि कुछ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी चयन के मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह के बीच शीतयुद्ध चल रहा है। सिंह प्रदेशव्यापी दौरे छोडक़र राजधानी में डेरा डाले हुए थे। कमलनाथ अपने विश्वस्त सहयोगी सिंह के व्यवहार से सन्न बताए जा रहे हैं। प्रभारी महासचिव रणदीपसिंह सूरजेवाला ‘दो पाट’ के बीच पीसने से बचते नजर आ रहे हैं।
यह दावा भी कर रहे
अब कांग्रेस सूत्र यह दावा भी कर रहे हैं कि जब पूर्व मुख्यमंत्री सिंह की नाराजगी की खबरें आलाकमान तक पहुंची तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस मामले में सोनिया गांधी से हस्तक्षेप का आग्रह किया। श्रीमती गांधी ने शनिवार रात को पूर्व मुख्यमंत्री सिंह से फोन पर लंबी बातचीत की। उन्होंने अध्यक्ष कमलनाथ और प्रभारी महासचिव रणदीपसिंह सूरजेवाला से भी बातचीत कर समन्वय बनाए रखने को कहा।
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