मराठा आरक्षण को लेकर फिर सुलगा महाराष्ट्र, दो विधायकों के घर किए गए आग के हवाले, शरद पवार के NCP दफ्तर में भी लगाई आग, - khabarupdateindia

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मराठा आरक्षण को लेकर फिर सुलगा महाराष्ट्र, दो विधायकों के घर किए गए आग के हवाले, शरद पवार के NCP दफ्तर में भी लगाई आग,


 




मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र एक बार फिर सुलग गया है। सोमवार को प्रदर्शनकरियों ने बीड़ के दो विधायकों के घरों को आग के हवाले कर दिया। वहीं शरद पवार गुट वाले एनसीपी दफ्तर में भी आग लगा दी। प्रशासन ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है।

मराठा आरक्षण आंदोलन इस साल अगस्त से ही चल रहा है। आरक्षण की मांग को लेकर 11 दिनों में 13 लोग सुसाइड कर चुके हैं। बसों के नुकसान को देखते हुए 30 डिपो से संचालन बंद कर दिया गया है। NCP विधायक प्रकाश सोलंके ने घटना को लेकर कहा- जब हमला हुआ तब मैं अपने घर के अंदर ही था। हालांकि मेरे परिवार का कोई भी सदस्य या कर्मचारी घायल नहीं हुआ। हम सभी सुरक्षित हैं, लेकिन आग के कारण संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। घटना के बाद इलाके में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इधर, मराठा आंदोलन को लीड कर रहे मनोज जरांगे ने मराठा समाज से अपील की है कि कोई भी मराठा आज रात और कल तक कोई भी आगजनी ना करे।

दो सांसदों ने इस्तीफा दिया

वहीं, मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच शिवसेना के दो सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है। रविवार 29 अक्टूबर को हिंगोली से सांसद हेमंत पाटिल ने इस्तीफा दे दिया था। उनका रिजाइन सोशल मीडिया पर वायरल था। अब उन्होंने लोकसभा सचिवालय को भी इस्तीफा भेज दिया है। नासिक के सांसद हेमंत गोडसे ने भी इस्तीफा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भेज दिया है। माजलगांव में प्रदर्शकारियों ने नगर परिषद कार्यालय में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। इसमें काफी नुकसान की बात कही जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने जालना के बदनापुर तहसीलदार दफ्तर को जबरन ताला लगाया और महिला तहसीलदार को बाहर निकाला। यही नहीं, लैंड रिकॉर्ड्स, नगर पंचायत, पंचायत समिति कार्यालय में भी तालाबंदी कर दी।

सोलंके के घर पर हमला

प्रकाश सोलंके के नाम से वायरल हो रही एक ऑडियो क्लिप को हमले के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। इस ऑडियो क्लिप में प्रकाश सोलंके कथित तौर पर मनोज जारांगे पर टिप्पणी करते सुनाई देते हैं। मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। महाराष्ट्र सरकार ने जरांगे से मामला सुलझाने के लिए 30 दिन का समय मांगा था। जरांगे ने वादा किया था कि वह अगले 40 दिनों तक विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे।

मेडिकल स्टूडेंट्स भी भूख हड़ताल पर

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर लातूर में कई मेडिकल स्टूडेंट्स भी भूख हड़ताल पर बैठ गए। एक्टिविस्ट मनोज जरांगे की अपील पर रविवार 29 अक्टूबर को मराठा क्रांति मोर्चा के 6 कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। सोमवार 30 अक्टूबर तक बीते 48 घंटे में महाराष्ट्र राज्य परिवहन की 13 बसों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसे देखते हुए राज्य परिवहन निगम ने 250 में से 30 डिपो से ऑपरेशन बंद रखने का फैसला लिया है।


पुराने दस्तावेजों में कुनबी का जिक्र


सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि 11 हजार 530 पुराने रिकॉर्ड्स में कुनबी जाति का जिक्र है। उन्होंने 31 अक्टूबर को नए सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। शिंदे ने ये बात तब कही, जब मराठा समुदाय कुनबी की तरह ओबीसी आरक्षण की मांग कर रहा है। शिंदे ने ये भी कहा कि मराठा आरक्षण मुद्दे 3 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जो राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में मराठा आरक्षण पर क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने को लेकर सलाह देगी। कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस संदीप शिंदे होंगे। मंगलवार 31 अक्टूबर को एक्टिविस्ट मनोज जरांगे से बात करेंगे।

आरक्षण का मसला क्या


महाराष्ट्र में एक दशक से मांग हो रही है कि मराठाओं को आरक्षण मिले। 2018 में इसके लिए राज्य सरकार ने कानून बनाया और मराठा समाज को नौकरियों और शिक्षा में 16% आरक्षण दे दिया। जून 2019 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसे कम करते हुए शिक्षा में 12% और नौकरियों में 13% आरक्षण फिक्स किया। हाईकोर्ट ने कहा कि अपवाद के तौर पर राज्य में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 50% आरक्षण की सीमा पार की जा सकती है। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में गया तो इंदिरा साहनी केस या मंडल कमीशन केस का हवाला देते हुए तीन जजों की बेंच ने इस पर रोक लगा दी। साथ ही कहा कि इस मामले में बड़ी बेंच बनाए जाने की जरूरत है।