बालाघाट स्ट्रांग रूम मामले में अब डिप्टी कलेक्टर सस्पेंड, अभी भी सवाल वही की जो हो रहा था वह सही था या गलत - khabarupdateindia

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बालाघाट स्ट्रांग रूम मामले में अब डिप्टी कलेक्टर सस्पेंड, अभी भी सवाल वही की जो हो रहा था वह सही था या गलत




Rafique Khan

बालाघाट स्ट्रांग रूम मामले में नोडल अधिकारी के बाद अब डिप्टी कलेक्टर गोपाल सोनी को सस्पेंड किया गया है। कलेक्टर बालाघाट द्वारा यह कार्रवाई की गई है लेकिन सवाल अभी भी वही है कि स्ट्रांग रूम में जो कुछ सोमवार को किया जा रहा था, वह सही था या गलत क्योंकि चुनाव जैसी महत्वपूर्ण और पारदर्शी व्यवस्था में इस तरह का दाग निहायत ही चिंताजनक है।

गौरतलब है कि मप्र में विधानसभा चुनावों के नतीजे 3 दिसंबर को आने हैं। इससे पहले मतगणना की तैयारियां जारी हैं। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को एक वीडियो जारी किया। यह वीडियो बालाघाट का था, जहां पीजी कॉलेज में रखे मतपत्रों से को जमाया जा रहा रहा था1 हालांकि यह काम मतगणना के समय चुनाव आयोग के द्वारा बताई गई तारीखों पर किया जाना था लेकिन स्थानीय कलेक्टर गिरीश मिश्रा के मुताबिक यहां केवल मतपत्रों के बंडल बनाए जा रहे थे।

नोडल अधिकारी हिम्मत सिंह पर कार्रवाई

मामले में कांग्रेस ने काफी गंभीरता दिखाई और कलेक्टर की शिकायत चुनाव आयोग से की। इसके बाद आयोग ने नोडल अधिकारी हिम्मत सिंह को निलंबित कर दिया था। बताया जाता है कि मामले में कलेक्टर गिरीश मिश्रा लगातार कार्यवाही का बचाव कर रहे हैं उनके अनुसार उन्होंने सभी उम्मीदवारों को इसकी सूचना दी थी और उनके प्रतिनिधियों को बुलाया था। यह पूरी प्रक्रिया मत मत्रों को पचास-पचास के बंडलों में रखने की थी जो कि एक सामान्य तरीका है। हालांकि कांग्रेसी नेता इससे संतुष्ट नहीं हैं उन्होंने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है और कलेक्टर को हटाने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि इस दौरान मतपत्रों में गड़बड़ी हो सकती है। इस दौरान पंचनामा भी बनाया गया।

...तो फिर इन दो-दो अफसर को निलंबित क्यों किया

सोमवार को स्ट्रांग रूम क्यों खोला गया? मतगणना के पूर्व पोस्टल बैलेट जमाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई? मतदान और मतगणना के बीच अगर निर्वाचन अधिकारी स्ट्रांग रूम में लगातार काम करते रहते हैं और सब कुछ विधि पूर्वक है तो फिर इन दो-दो अफसर को निलंबित क्यों किया जा रहा है? मतदाताओं के जनादेश और जन अधिकार से जुड़े चुनाव में इन सब बातों का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है, क्योंकि यही सब कुछ लोकतंत्र की जान है।