ड्राइवर से "औकात" पूछने वाले कलेक्टर को CM ने हटाया, कहा- शोभा नहीं देती कलेक्टर के मुंह से ऐसी भाषा - khabarupdateindia

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ड्राइवर से "औकात" पूछने वाले कलेक्टर को CM ने हटाया, कहा- शोभा नहीं देती कलेक्टर के मुंह से ऐसी भाषा




Rafique Khan


मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में पदस्थ कलेक्टर किशोर कन्याल को राज्य सरकार ने बुधवार की सुबह हटा दिया। मंगलवार को बस ट्रक ड्राइवर की हड़ताल के चलते एक बैठक में गहमा गहमी के दौरान शाजापुर कलेक्टर ने ड्राइवर से उसकी "औकात" पूछ ली थी? ड्राइवर से यह पूछना कि तुम्हारी औकात क्या है? देश भर में सुर्खी बना और उसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसे बर्दाश्त ना करते हुए एक्शन ले लिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि अधिकारियों को अपनी सीमा का ध्यान रखना चाहिए। ऐसी भाषा कलेक्टर जैसे अधिकारी के मुंह से शोभा नहीं देती। ऐसी शब्दावली को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा1 अधिकारियों को गरीबों के काम और भाव दोनों का सम्मान करना चाहिए'। नरसिंहपुर कलेक्टर रिजु बाफना को शाजापुर का नया कलेक्टर बनाया गया है।


जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उनके ध्‍यान में लाया गया कि कल शाजापुर ट्रक ड्राइवर और जिला प्रशासन की बैठक में इस तरह की भाषा बोली गई थी। एक अधिकारी को इस तरह की भाषा बोलना उचित नहीं है। खासकर यह सरकार तो गरीबों की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में हम गरीब उत्‍थान के लिए काम करते हैं। ऐसे में हरेेक अधिकारी को चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी हो उसे गरीब के काम का भी सम्‍मान करना चाहिये और भाव का भी सम्‍मान करना चा‍हिये। मनुष्‍यता के नाते हमारी सरकार में यह बर्दाश्‍त नहीं है। ऐसे अधिकारी को मैदान में रहने का अधिकार नहीं है। सीएम ने कहा कि मैं आशा करता हूं जो अधिकारी आएगा वह भाषा और व्‍यवहार का ध्‍यान रखेगा। मेरे मन में इस बात की पीड़ा है और मैं इस तरह की बात को कभी क्षमा नहीं करूंगा।

इस तरह हुआ था घटनाक्रम

उल्‍लेखनीय है कि वाहनों चालकों की हड़ताल के बीच कल शाजापुर कलेक्‍ट्रेट में हड़ताल के चलते बने हालात से निपटने और वाहन चालकों से चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में एक ड्राइवर ने कहा था कि तीन दिन तक हमारी हड़ताल है, इसके बाद हम कुछ भी करेंगे। ड्राइवर ने कलेक्टर को कहा अच्छे से बोलो। इतने में कलेक्टर भड़क गए और कहा कि 'गलत क्या है? समझ क्या रखा है, क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है? इसका जवाब देते हुए ड्राइवर ने कहा 'यही लड़ाई है कि हमारी कोई औकात नहीं है.' कलेक्टर ने कहा लड़ाई ऐसे नहीं होती है। कृपया करके कोई भी कानून अपने हाथ में न लें, आपकी सारी बातों को सुनने के लिए यहां बुलाया है।”