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Thursday, 25 January 2024

शिव राज के मध्य प्रदेश गान पर मोहन राज का "स्टे", CM ने कहा- राष्ट्रगान की बराबरी पर नहीं, खड़े होने की भी कोई जरूरत नहीं


Rafique Khan

निजाम बदलने के बाद सूबे में सब कुछ बदला बदला सा नजर आने लगा है। गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में शुरू हुआ मध्य प्रदेश गान और उस दौरान उपस्थितों का खड़े रहना भी बदल दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के एक इशारे के बाद मध्य प्रदेश गान के दौरान खड़े हुए उपस्थित जनों को बैठने का इशारा कर दिया गया। यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि राष्ट्रगान से बड़ा मध्य प्रदेश गान नहीं है और इस दौरान खड़े रहने की भी जरूरत नहीं है। सियासी हलके में मुख्यमंत्री के इस कदम को कई मायने में देखा जा रहा है।


कहा जाता है कि गुरुवार को भोपाल के रवींद्र भवन में मध्यप्रदेश सिविल सेवा परीक्षा-2019 एवं 2020 में चयनित 559 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र देने का कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे और जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो मध्यप्रदेश गान पर सीएम सहित सभी अधिकारियों से खड़े होने का आव्हान किया गया। सीएम मोहन यादव खड़े तो हुए लेकिन जैसे ही मध्यप्रदेश गान शुरु हुआ तो उन्होंने इशारे से सभी को बैठने के लिए कहा। सीएम के इशारा करते ही मध्यप्रदेश गान रुक गया और तब सीएम ने पास बैठे अधिकारियों से कहा कि 'राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत की बराबरी पर मध्यप्रदेश गान या दूसरे गीत नहीं हो सकते; इसलिए खड़े होना जरूरी नहीं है।गौरतलब है कि1 नवंबर 2022 को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के मौके पर तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह ने इस बात का ऐलान किया था कि मध्यप्रदेश गान को भी राष्ट्रगान की तरह सम्मान दिया जाएगा और तब शिवराज सिंह चौहान ने ये संकल्प भी दिलाया था कि जब भी मध्यप्रदेश गान होगा तो हम सभी खड़े होकर मध्यप्रदेश गान का सम्मान करेंगे।