तड़के 3:30 बजे बिस्तर छोड़ देते हैं भारत के चीफ जस्टिस, योग के प्रति विशेष लगाव, चंद्रचूड़ ने एक कार्यक्रम के दौरान खुद किया खुलासा - khabarupdateindia

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तड़के 3:30 बजे बिस्तर छोड़ देते हैं भारत के चीफ जस्टिस, योग के प्रति विशेष लगाव, चंद्रचूड़ ने एक कार्यक्रम के दौरान खुद किया खुलासा


Rafique Khan

भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ को योग से विशेष लगाव है। वे नियमित तौर पर योग को अपनाय हुए हैं। इसके लिए रोजाना तड़के 3:30 बजे चीफ जस्टिस बिस्तर छोड़ देते हैं। इसके बाद उनकी दिनचर्या की शुरुआत योग के साथ ही होती है। भोजन में भी उनका विशेष एहतियात है और एक तरह से सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ वीगन हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक भारत के सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुप्रीम कोर्ट परिसर में एक आयुष समग्र कल्याण केंद्र का उद्घाटन करते हुए CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने खुलासा किया कि वो पिछले पांच महीने से वीगन हैं। CJI चंद्रचूड़ ने कहा, “मैं सुबह 3.30 बजे योग करने के लिए उठा और निश्चित रूप से, मैं खुद वीगन का पालन करता हूं, पिछले पांच महीनों से मैं पूरी तरह से वीगन हूं और इसे जारी रख रहा हूं। मैं जीवन के एक समग्र पैटर्न पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करता हूं, जो निश्चित रूप से आप क्या खाते हैं और आप अपने सिस्टम में क्या डालते हैं, उससे शुरू होता है।" सीजेआई ने कहा, “मेरे लिए, यह एक संतुष्टिदायक क्षण है.. जब से मैंने भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला है, तभी से मैं इस पर काम कर रहा हूं। मैं व्यक्तिगत रूप से आयुर्वेद और समग्र जीवन शैली का समर्थक हूं। उन्होंने कहा कि मैंने लगभग एक साल पहले 'पंचकर्म' किया था। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारे 2000 से अधिक कर्मचारी हैं और हमारे सहकर्मी हैं। सुप्रीम कोर्ट के सभी 34 न्यायाधीश जिन पर दैनिक काम का जबरदस्त दबाव है, फाइलें पढ़ रहे हैं और मुझे लगा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम इस पर गौर करें, न केवल जजों और उनके परिवारों के लिए बल्कि हमारे स्टाफ के सदस्यों के लिए भी जीवन जीने का समग्र पैटर्न है। उन्होंने ये भी कहा कि कर्मचारियों के माध्यम से हम आयुर्वेद की परंपरा के लाभ के संदेश के बारे में देश के बाकी हिस्सों में प्रचार कर सकते हैं।