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Wednesday, 27 March 2024

Ankit Alok Mishra : अंकित मिश्रा मौत के बाद भी 6 लोगों की जिंदगी का सहारा बने, मेदांता हॉस्पिटल में जारी है अंगदान की प्रक्रिया


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर निवासी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा बिल्डर आलोक मिश्रा के ज्येष्ठ पुत्र अंकित मिश्रा की मौत निश्चित तौर पर उनके परिवार, रिश्तेदार और करीबी लोगों के लिए बेहद अफसोस जनक है लेकिन 6 जिंदगियां के लिए अंकित मौत के बाद भी सहारा बन गए और हमेशा उनके दिलों में जिंदा रहेंगे। दरअसल एक हादसे का शिकार होने के बाद बुधवार की पूर्वान्ह 11:00 बजे करीब अंकित मिश्रा को मृत घोषित कर दिया गया था। अंकित मिश्रा की पूर्व से न सिर्फ इच्छा थी बल्कि परिवार जनों को स्पष्ट तौर पर बता चुका था कि मौत के बाद अंगों का दान जरूरतमंद लोगों को किया जाना चाहिए। अंकित की मंशा के मुताबिक उसके शरीर के 6 पार्ट्स लंबे समय से उम्मीद लगाए जरूरतमंदों को डोनेट किए जा रहे हैं। यह प्रक्रिया इन पंक्तियों के लिखे जाने तक मेदांता हॉस्पिटल में लगातार चल रही है।

गौरतलब है कि बिल्डर पुत्र तथा समाज सेवा के जुनूनी अंकित मिश्रा ऐन होली के दिन अपने कटंगा स्थित घर की छत से गिर गए थे। यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, यह तो फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन घटना के दौरान उन्हें सर तथा शरीर के कई अंगों में गंभीर चोटें पहुंची और अंततः होने बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक तौर पर जबलपुर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में उन्हें ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की सलाह पर एयरलिफ्ट कर मेदांता अस्पताल पहुंचाया गया। वहां भी भरसक प्रयासों के बावजूद अंकित मिश्रा की मौत हो गई। अंकित मिश्रा के फुफेरे भाई मोनू तिवारी के अनुसार अंकित की अंगदान करने की इच्छा थी। इसी इच्छा के मुताबिक शरीर के 6 अंगों को दान किया जा रहा है। मेदांता हॉस्पिटल में अंगदान की यह प्रक्रिया लगातार जारी है और इसी के चलते अब तक परिवार जनों ने यह तय नहीं किया है कि वह जबलपुर कब तक वापस लौट पाएंगे। मेदांता हॉस्पिटल से फ्री होने के बाद ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा तथा अंत्येष्टि संबंधी जानकारी भी सामने आ सकेगी।