छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : पूर्व IPS अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार, एंटी करप्शन ब्यूरो ACB ने की कार्रवाई, पेश किया गया कोर्ट में - khabarupdateindia

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : पूर्व IPS अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार, एंटी करप्शन ब्यूरो ACB ने की कार्रवाई, पेश किया गया कोर्ट में


रफीक खान
छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित शराब घोटाला जो 776 करोड रुपए से शुरू होकर 2000 करोड रुपए तक जा पहुंचा था, में एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व आईपीएस Ex IPS अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी, अनवर ढेवर तथा अरविंद सिंह को गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों को ईओडब्ल्यू EOW की टीम द्वारा जज निधि शर्मा तिवारी की अदालत में पेश किया गया। आईपीएस अधिकारी रहे अरुण पति त्रिपाठी शराब घोटाले के समय छत्तीसगढ़ शासन में आबकारी विभाग के विशेष सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अरुण पति त्रिपाठी को बिहार के गोपालगंज से दबोचा गया है। इस मामले ने विधानसभा चुनाव के दौरान भी राजनीतिकों के बीच काफी हंगामा करने के अवसर प्रदान किए थे। खासतौर से बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाकर जनता के सामने पेश किया था।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में ईओडब्ल्यू की टीम ने शुक्रवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। EOW की टीम अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, अरविंद सिंह को कोर्ट लेकर पहुंची। शराब घोटाला केस में करीब दो महीने पहले आबकारी विभाग के पूर्व सचिव अरुण पति त्रिपाठी जेल से रिहा हुए थे। एसीबी और EOW की टीम ने रायपुर और दुर्ग सहित 21 जगहों पर छापे मारे थे। छापे के दौरान कई अहम दस्तावेज भी जांच टीम को हाथ लगे थे। छापे के दौरान जो दस्तावेज हाथ लगे उसमें अवैध संपत्ति अर्जित करने, निवेश से लेकर लोन तक के कागजात जब्त किए गए। जिन जगहों पर छापे की कार्रवाई हुई, उसमें रायपुर में 9, बिलासपुर में 5, दुर्ग और भिलाई में 7 जगहों पर रेड की गई थी।

Ex आईपीएस अधिकारी 9 माह बाद हुए थे रिहा

बताया जाता है कि अरुणपति त्रिपाठी नौ माह तक जेल में रहने के बाद बाहर निकले थे और बीते जनवरी माह से ही मोबाइल बंद कर फरार चल रहे थे। इन पर ईडी ने भी केस दर्ज कर रखा है। बिहार के गोपालगंज में छत्तीसगढ़ की एसीबी टीम ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिहार पुलिस की मदद से गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र के सिसई गांव में छापेमारी की। इसके बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी प्रकाश पति त्रिपाठी के पुत्र अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ में अबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव रह चुके हैं। उन पर नौकरी में रहते हुए 776 करोड़ का शराब घोटाला करने का आरोप लगा है।