Lokayukt trape: सीमांकन के लिए पटवारी ने मांगे 1.90 लाख रुपए, डेढ़ लाख रूपए लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार, पूछताछ जारी - khabarupdateindia

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Lokayukt trape: सीमांकन के लिए पटवारी ने मांगे 1.90 लाख रुपए, डेढ़ लाख रूपए लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार, पूछताछ जारी



रफीक खान
रिश्वतखोरी का ग्राफ और स्टैंडर्ड कितना अधिक बढ़ गया है शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने इसे सत्यापित भी कर दिया है। समाज में कोटवार और पटवारी की हैसियत किस तरह से नापी जाती थी लेकिन आज राजस्व मामलों के कामकाज में पटवारी भी वाकई में कलेक्टर से कम नहीं है। सीमांकन करने के नाम पर पटवारी ने 70,000 रुपए प्रति बीघा के दर से रिश्वत मांगी और 1,90,000 रुपए में सौदा तय हुआ। पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपए की राशि पटवारी को जैसे ही दी गई, उसे लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथों दबोच कर गिरफ्तार कर लिया। पटवारी को फिलहाल हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में लोकयुक्त पुलिस ने डेढ़ लाख की रिश्वत लेते हुए पटवारी मनोहर बिलावले को रंगे हाथ पकड़ा है। आवेदक घनश्याम चौधरी ग्राम पटाडा जिला देवास के द्वारा 24 अप्रैल 2024 को अनिल विश्वकर्मा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन को शिकायत की थी कि हल्का 88 का पटवारी मनोहर बिलावले के द्वारा आवेदक की 14 बीघा जमीन का सीमांकन करने के लिए प्रति सीमांकन के 70 हजार के हिसाब से 2,10,000/- रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा है। उक्त शिकायत की तसदीक डीएसपी सुनील तालान के द्वारा करवाई गई। आरोपी पटवारी उक्त सीमांकन के लिए 190000 रुपए लेने पर सहमत हुआ। जिसमें से पहली किस्त में डेढ़ लाख रुपए शुक्रवार 26 अप्रैल को लेना तय हुआ। शिकायत सत्य पाए जाने पर लोकायुक्त उज्जैन की आठ सदस्य दल के साथ ट्रैप प्लान तैयार किया गया। आवेदक के द्वारा आरोपी पटवारी से बात की तो उसने मांगलिया तिराहे इंदौर पर पैसे लेकर बुलाया। जहां आवेदक घनश्याम चौधरी ने नगद ₹50000 तथा ₹100000 का चेक जैसे ही पटवारी को दिया पटवारी मनोहर बिलावली को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम में पकड़ लिया। उक्त कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान, निरीक्षक दीपक सेजवार,आरक्षक संजय पटेल, आरक्षक संदीप कदम,आरक्षक नीरज राठौर, रमेश डाबर एवं शिक्षा विभाग के दो पंच साक्षी थे।