khabarupdateindia

Update : हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी के घर व अन्य ठिकानों पर पहुंचा बुलडोजर, मकानों को ध्वस्त करने का सिलसिला जारी, INA-ATS भी हुईं एक्टिव



रफीक खान
गुरुवार को खजरी खिरिया बाईपास स्थित रजा मैटल इंडस्ट्रीज में हुए धमाके के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आए हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी के घर तथा अन्य संबंधित ठिकानों पर शुक्रवार को बुलडोजर पहुंच गया। वरिष्ठ प्रशासनिक, राजस्व तथा नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में अधारताल आनंद नगर बस स्टॉप के समीप स्थित उसके करीब 3 करोड रुपए से अधिक कीमत वाले मकान को ध्वस्त कर दिया गया। बड़े धमाके और व्यापक पैमाने पर कबाड़ गोदाम में आपत्तिजनक सामग्री का पता लगने के बाद प्रशासन ने सख्त का रूप अख्तियार कर लिया है।

उधर खजूरी खिरिया स्थित गोदाम में चल रही कार्रवाई का मोर्चा डीआईजी तुषार कांत विद्यार्थी संभाले हुए हैं। आईजी अनिल सिंह कुशवाहा वा डीआईजी तुषार कांत विद्यार्थी लगातार पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। ऐसा पता चला है कि एक्सपर्ट्स की इन्वेस्टीगेशन के बाद एनडीआरएफ की टीम ने वहां अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस दौरान कुछ और मानव अंग मिले हैं। इनको संग्रहित कर लिया गया है लेकिन बिना डीएनए टेस्ट के इनकी पहचान होना संभव नहीं है। पुलिस की पड़ताल में गोदाम में मौजूद खलील तथा भोला नमक दो मजदूर लापता है। इसके अलावा सारे लोग मिल गए हैं और सभी को आईडेंटिफाई भी कर लिया गया है। सेना और रक्षा संस्थानों से संबंधित अधिकारी भी लगातार जांच पड़ताल में सहयोग कर रहे हैं।

फीडबैक जुटा रही है खुफिया एजेंसियां

जानकारी के अनुसार पता चला है कि भीषण बम धमाके और रजा मेटल इंडस्ट्रीज के गोदाम में मिले सेना के उपयोग में आने वाले बमों के खोखे व अवशेष की खबर के बाद NIA तथा ATS के अलावा अन्य खुफिया एजेंसीया भी एक्टिव हो गई हैं। सभी अलर्ट मोड पर हैं और उक्त एजेंसियां अपनी-अपनी कार्यशैली के दृष्टिकोण के अनुसार पल-पल की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के साथ फीडबैक लेने में भी जुट गई है। यह भी गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व एनआईए तथा एटीएस ने जबलपुर में कार्रवाई की थी और उस दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से रक्षा संस्थानों को टारगेट करने की बात भी सामने आई थी।

कैसे मिल गए इतने सारे लाइसेंस

जांच पड़ताल में जुटे अधिकारी इस बात से भी हैरान है कि एक हिस्ट्री सीटर कबाड़ी को सेना व रक्षा संस्थानों के स्क्रेप खरीदने बेचने जैसा लाइसेंस किस तरह से मिल गया? इसके अलावा भी शमीम के पास स्क्रैप ठिकाने लगाने के कई और लाइसेंस है। ऐसा माना जा रहा है की जांच अधिकारियों ने अब लाइसेंस को हासिल करने में अपनाई गई हिकमतों को भी अपनी जद में ले लिया है। जिसके जरिए संभवतः किसी और बड़े फर्जीवाड़े का भी खुलासा हो सकता है।
Previous Post Next Post
khabarupdateindia