बेलगाम रिश्वतखोर, क्या बाबू को अधिकार है कि वह किसी पैथोलॉजी सेंटर की शिकायत का खात्मा लगा दे? - khabarupdateindia

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बेलगाम रिश्वतखोर, क्या बाबू को अधिकार है कि वह किसी पैथोलॉजी सेंटर की शिकायत का खात्मा लगा दे?


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को EOW की टीम ने ₹20000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बाबू एक पैथोलॉजी सेंटर के संचालक से शिकायत का खात्मा लगाने के बदले ₹60000 की रिश्वत मांग रहा था। बाबू तो दबोच लिया गया लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या बाबू को यह अधिकार है कि वह किसी शिकायत का खात्मा लगा दे? और अगर उसे यह अधिकार नहीं है तो फिर कौन जिम्मेदार अधिकारी बाबू के माध्यम से यह मांग करवा रहा था? EOW के लिए यह भी जांच का विषय होगा। Unbridled bribe-taker, does Babu have the right to close the complaint against any pathology centre?

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि रिश्वतखोर बाबू आकाश गुप्ता पैथोलॉजी सेंटर के संचालक मनोज श्रीवास्तव से शिकायत का खात्मा लगाने के एवज में 60 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। बाबू के द्वारा लगातार पैसों की मांग किए जाने से तंग आकर फरियादी पैथोलॉजी संचालक मनोज श्रीवास्तव ने बाबू आकाश गुप्ता द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत EOW कार्यालय जबलपुर में की थी। EOW की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर गुरुवार को रिश्वत की पहली किस्त 20 हजार रुपये देने के लिए फरियादी मनोज श्रीवास्तव को बाबू आकाश गुप्ता के पास भेजा। जब मनोज रिश्वत देने के लिए बाबू के पास सीएमएचओ कार्यालय पहुंचा तो बाबू आकाश गुप्ता वहां से उसे अपने साथ बाइक पर बैठाकर एक होटल में ले गया और वहां पर रिश्वत के 20 हजार रुपये उससे लिए। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना की जा रही है।