सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में लगाई फटकार, अब 9 दिसंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई - khabarupdateindia

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सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में लगाई फटकार, अब 9 दिसंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई


रफीक खान
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में झूठा हलफनामा पेश करने के मामले में पुलिस आयुक्त, एडिशनल डीसीपी तथा थाना प्रभारी को पक्षकार बनाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर को दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के पूर्व में निर्देश दिए थे। अब मामले की सुनवाई 9 दिसंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश पुलिस की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताई है। The Supreme Court issued a stern reprimand, and the next hearing of the case will be held on December 9.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की युगलपीठ ने कहा कि हमने अपने पिछले आदेश दिनांक (4 नवंबर 2025) के अनुसार दायर हलफनामे का अध्ययन किया है। यह हलफनामा दिशेष अग्रवाल, एडीसीपी (प्रभारी अधिकारी) और टीआई इंद्रमणि पटेल की ओर से दायर किया गया था। यह गंभीर मुद्दे पुलिस के आचरण के मूल और मुख्य मुद्दे से संबंधित हैं। उनके जरिए धारित कार्यालय/पद के अधिकार जिसका सीधा असर पुलिस पर पड़ता है। यह जनता के विश्वास से जुड़ा है। इसलिए वर्तमान दो अधिकारियों दिशेष अग्रवाल और इंद्रमणि पटेल को भी पार्टी प्रतिवादी संख्या 3 और 4 के रूप में शामिल करने की अपेक्षा करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि चूंकि एडीसीपी का यह पक्ष है कि जिन तथ्यों को कहा गया है, वह कल ही उनके संज्ञान में लाए गए हैं। इसलिए वे इन्हें डीसीपी और पुलिस कमिश्नर को भी फॉरवर्ड करेंगे। इसे देखते हुए पुलिस आयुक्त इंदौर को भी उनके पद के आधार पक्षकार बनाया जाए। दरअसल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गेहूं-चावल के अवैध भंडारण में आरोपी बनाए गए अनवर हुसैन की जमानत का विरोध करते हुए पुलिस ने अन्य जिले में दर्ज केस को भी हुसैन के साथ जोड़कर शपथनामा पेश कर दिया। इसे अनवर हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 4 नवंबर को सुनवाई की थी।