आश्रम में मासूम से दुष्कर्म और बेटियों के शोषण का आरोप, मीडिया के सामने IAS अधिकारियों को आड़े हाथों लिया - khabarupdateindia

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आश्रम में मासूम से दुष्कर्म और बेटियों के शोषण का आरोप, मीडिया के सामने IAS अधिकारियों को आड़े हाथों लिया


रफीक खान
मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले में स्थित आनंद धाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पहले नामांतरण के लिए कलेक्टर द्वारा मांगे गए तीन करोड रुपए के कथित आरोप और उसके बाद कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने आश्रम पर ही गंभीर आरोप जड़ दिए। आश्रम के भीतर मासूम बच्चे से दुष्कर्म और लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं मध्य प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को आड़े हाथों लेकर आरोपित किया गया है कि वह ब्लैक मनी को वाइट करने में लगे हुए हैं। कांग्रेस नेता ने मीडिया के सामने यह खुलासा करने के बाद सरकार के सभी जिम्मेदार विभागों को भी पत्र सौंप दिए हैं। Allegations of rape and exploitation of innocent girls in the ashram, IAS officers were criticized in front of the media.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आनंदपुर धाम में सालों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार आंख मूंदे बैठी है। अहिरवार ने आरोप लगाया कि आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। उनका दावा है कि ट्रस्ट की सालाना कमाई लगभग 800 करोड़ रुपए है। प्रदीप अहिरवार ने कहा कि आनंदपुर धाम में युवकों का शोषण किया जा रहा है और यहां देह व्यापार का संगठित रैकेट चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महात्मा द्वारा युवकों के शोषण के वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट द्वारा आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। 2025 में गौहत्या की शिकायत के बावजूद डीजीपी स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रस्ट से जुड़े कई महात्माओं पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। यह पूरा मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हुआ हो सकता है। अहिरवार ने कहा कि पिछले 5 सालों से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस ने इसे डेरा सौदा पार्ट-2 बताते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। अहिरवार का कहना है कि अंत में मुझे न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।