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Sunday, 22 February 2026

शिकायतों के आधार पर बने दोनों समुदाय के आरोपी, वीडियो फुटेज से हो रही घटना के जिम्मेदारों की पहचान


रफीक खान
मध्य प्रदेश के सिहोरा जिले में 19 फरवरी की रात हुए सांप्रदायिक विवाद और उपद्रव के बाद पुलिस तैनाती के साये तले शांति कायम है। पुलिस अभी भी चप्पे-चप्पे पर निगरानी कर रही है। दोनों पक्षों के करीब 70 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पहले दिन 49 लोगों को आरोपी बनाकर जबलपुर के थानों में ले आया गया था और फिर उन्हें जेल भेज दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बयानों में यह बात सामने आई है कि रमजान माह शुरू होने के कारण विशेष नमाज तरावीह के लिए 10 बजे तक और उसके बाद आरती का समय निर्धारित आपसी समझौते से कर लिया गया था। फिर रात लगभग 9 से 9:30 के बीच डीजे की धमक और कहा सुनी के दौरान आखिर क्यों इतनी हिंसक स्थिति निर्मित हो गई? जांच में पुलिस इस बात को लेकर फोकस कर रही है कि आखिर हिंसा की चिंगारी कैसे भड़की? वायरल हो रहे वीडियो और पुलिस के सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें राउंडअप किया जा रहा है। Based on complaints, both communities have been named as accused, and video footage is being used to identify those responsible.

जमीनी हकीकत के लिए लोगों से की गई बातचीत में मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि दोनों ही समुदाय के लोग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। हालांकि सिहोरा में दोनों धर्म को मानने वाला एक बहुत बड़ा तबका इस पूरे घटनाक्रम का समर्थक नहीं है। दोनों ही धर्म के अनुयाई चाहते हैं कि उपद्रव करने वाले किसी भी धर्म के हो बख्शे नहीं जाना चाहिए। सांप्रदायिक सद्भाव में जहर घोलने के लिए जिस तरह से हिंसक रूप दिखाया गया, इस पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना जरूरी है। बेगुनाहों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। मुस्लिम परिवारों का कहना है कि दर्जनों घरों के मीटर तोड़े गए, दरवाजे उखाड़ दिए गए तथा सूनेपन में रुपए आदि भी लूट लिए। घरों में आग लगाने की बात भी सामने आई है। प्रशासनिक अमल पर साक्षी नष्ट करने का आरोप लगाया जा रहा है। उधर हिंदू पक्ष का कहना है कि मंदिर में डीजे पर आपत्ति जताने आए लोगों ने एक युवक को खींचकर बुरी तरह पीटा। पथराव किया और ग्रील तोड दी, जिससे यह सारा विवाद बढ़ गया। पुलिस वीडियो में सामूहिक हमला करने की दृष्टि से चेहरे ढक कर आई बड़ी भीड़ में शामिल लोगों की भी पहचान कर रही है वीडियो में वॉइस रिकॉर्ड से भी पता लगाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अलावा जबलपुर पुलिस लाइन और एस ए एफ का बल भी लगातार निगरानी कर रहा है।