रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की उस सिहोरा तहसील, जिसे जिला बनाने की मांग लगातार की जा रही है, में गुरुवार की देर रात बवाल हो गया। मंदिर में बज रहे डीजे को लेकर कहा सुनी हुई और फिर दो समुदायों के बीच पथराव होने लगा। पवित्र माह रमजान की विशेष नमाज तरावीह और आरती के दौरान हुए उपद्रव को रोकने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल पहुंचा। लाठी चार्ज और टियर गैस छोड़ने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। सूचना पाकर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत लाल उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गए। कलेक्टर और एसपी के अलावा पुलिस तथा प्रशासन के अनेक अधिकारी अभी भी डेरा डाले हुए हैं। दोनों समुदायों के विशिष्ट लोगों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। Chaos erupts during aarti and namaz at Azad Chowk; police resort to lathi charge and tear gas; Collector and SP arrive at the scene.
सांप्रदायिक सौहाद्र की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाने वाले सिहोरा तहसील के आजाद चौक पर मस्जिद और मंदिर आमने-सामने स्थित है। रमजान माह के चलते रात्रि में इशा की नमाज के बाद विशेष नमाज तरावीह का आयोजन सभी मस्जिदों में चल रहा है। इसी बीच मंदिर में भी आरती आयोजन किया गया था। मंदिर में बज रहे तेज आवाज के डीजे को लेकर कुछ युवकों में कहा सुनी हुई। यह बातचीत कुछ पल बाद झगड़े में तब्दील हो गई। दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया। घटना में कितने लोगों को चोट पहुंची, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन मंदिर और मस्जिद दोनों में तोड़फोड़ की खबर है। आसपास रखे वाहनों और दुकानों में भी तोड़फोड़ हुई है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि कोई हताहत नहीं हुआ है। समय पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल के पहुंच जाने से हल्का बल प्रयोग किया गया और स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया। सांप्रदायिक सद्भाव को बहाल रखने के लिए जबलपुर से भी दोनों ही समुदाय के लोग सिहोरा के विशिष्ट लोगों से बातचीत कर शांति बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार चर्चा कर रहे हैं। अचानक हुए इस उपद्रव के बाद समूचे सिहोरा में दहशत और तनाव की स्थिति बन गई। जबलपुर से अतिरिक्त पुलिस बल भेज कर लगातार गली-कूचों तक पेट्रोलिंग कराई जा रही है।
