रफीक खान
सनातन धर्म के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी की तैयारी पुलिस कर रही है। प्रयागराज से पुलिस अधिकारियों की एक बड़ी टीम वाराणसी पहुंच गई है। मंगलवार को पुलिस शंकराचार्य के आश्रम और लोकल इनपुट जुटाने में व्यस्त रही। उधर गिरफ्तारी से बचने के लिए शंकराचार्य ने हाई कोर्ट का रुख कर लिया है। हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पेश की गई है। साथ ही उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पर आरोप लगाए। शंकराचार्य का कहना है कि गौ रक्षा के लिए किए जा रहे आंदोलन के कारण सरकार और पूरा सिस्टम उनके खिलाफ पूर्व नियोजित ढंग से काम कर रहा है। इस सबके बावजूद वह अपने अभियान से पीछे हटने वाले नहीं है। Police officers camped in Varanasi, gathered local inputs throughout the day, Shankaracharya accused the IPS.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कहा जाता है कि 21 फरवरी को प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई थी।अग्रिम जमानत याचिका में शंकराचार्य की ओर से कहा गया है कि उन्हें झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोपों में फंसाया जा रहा है, इसलिए गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए। हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई की तिथि जल्द तय हो सकती है।अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के बाद शंकराचार्य ने वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने एक तस्वीर भी दिखाई, जिसमें अजय पाल शर्मा कथित रूप से केक काटते नजर आ रहे हैं और उनके बगल में आशुतोष महाराज खड़े हैं। आशुतोष महाराज वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने शंकराचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। एक हिस्ट्रीशीटर के साथ पुलिस का बड़ा अफसर बर्थडे सेलिब्रेशन कर रहा है।
