रफीक खान
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में साल 2021 की भीषण बाढ़ के दौरान पीड़ितों के लिए आई राहत राशि में घोटाला के मामले में तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने गुरुवार को ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया। तहसीलदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज होने के बाद पर लगातार अपने बचाव में जमानत की अर्जियां लगाती रही। तहसीलदार अमिता सिंह तोमर कौन बनेगा करोड़पति फेम होने के कारण पूरे प्रदेश में चर्चित हुई थी और साथ ही उनके नाम के साथ घोटाला भी जुड़ गया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी कर रही है। Kaun Banega Crorepati fame, along with his subordinates and relatives, committed a flood relief scam worth crores.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि तहसीलदार के नेतृत्व में बाढ़ पीड़ितों के नाम पर फर्जीवाड़े का पूरा नेटवर्क खड़ा कर दिया गया था। ऑडिट जांच में सामने आया कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर मुआवजा राशि निकाल ली गई, जबकि वास्तविक पीड़ित राहत से वंचित रहे। दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।बड़ौदा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 439/23 में पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 409 और 120-बी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज किया है। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया। अमिता सिंह तोमर को एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार पद से हटाया गया था। इसके तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें ग्वालियर स्थित निवास से गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें श्योपुर लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा। अमिता सिंह तोमर की पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। मामले में दो दर्जन से ज्यादा पटवारी भी आरोपी बनाए गए हैं।
