रफीक खान
मध्य प्रदेश के प्रख्यात संत शांति स्वरूपानंद सरस्वती महाराज को हनी ट्रैप में फसाने का जाल बिछाने वाली एक साध्वी खुद ही पुलिस की गिरफ्त में आ गई। ब्लैकमेलिंग कर लाखों रुपए बटोरने की कोशिश में साध्वी ने झूठे आरोपों की फेहरिस्त तैयार कर रखी है। अब साध्वी खुद को बचाने के लिए नए दांव की तैयारी कर रही है। आध्यात्मिक क्षेत्र के लोगों से जुड़े होने के कारण वह आश्रम से लेकर अखाड़े तक प्रहार करने के मूड में है। अखाड़ा परिषद भी उसके निशाने पर है। The woman who tried to trap MP's renowned saint Shanti Swaroopanand Maharaj is now preparing for a new move.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी ने यह साजिश रची। वह एक आपराधिक केस में पहले भी जेल जा चुकी है। मंदाकिनी पुरी ने महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद से लाखों रुपए ऐंठने के लिए उन्हें दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की योजना बनाई। इसके लिए वाराणसी की एक महिला को 50 हजार रुपए में तैयार भी कर लिया। उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर महिला को महामंडलेश्वर पर झूठा आरोप लगाने का दबाव डाला। महिला, महामंडलेश्वर पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाती और फिर साध्वी मंदाकिनी पुरी द्वारा केस वापस लेने की बात कहकर लाखों रुपए ऐंठने की योजना थी। कहा जाता है कि साध्वी के साथी घनश्याम पटेल ने महामंडलेश्वर के खिलाफ दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने को कहा था। 50 हजार रुपए देने का लालच भी दिया। बनारस की महिला ने मना कर दिया तो उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद वह दबाव में आकर उज्जैन आ गई। दत्त अखाड़ा परिसर में घनश्याम पटेल महिला के बयान रिकॉर्ड कर रहा था, तभी आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी को पूरे मामले की भनक लग गई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को तुरंत सूचित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पूर्व साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल को दबोच लिया। इनसे पूछताछ कर और भी कई राज खुलवाने की कोशिश पुलिस कर रही है। वही साध्वी अपने को बचाने के लिए नए-नए पैंतरों का इस्तेमाल कर रही है।
