रफीक खान
मध्य प्रदेश के सागर तथा खरगोन जिले में दो एक जैसी घटनाएं घटित हुई। सागर में एक माँ ने अपनी चार बेटियों को कुएं में फेंका और उसके बाद फांसी पर झूल गई। खरगोन में दूसरी मां ने तीन बच्चों को कुएं में फेंका और खुद भी कुएं में कूद गई। दूसरी घटना में मां जिंदा बच गई। पुलिस दिनभर लाशों को निकालने का काम करती रही। दोनों ही घटनाओं का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। The incident took place in Sagar and Khargone in Madhya Pradesh. Police spent the day removing bodies and an investigation is underway.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि टडा केसली थाना अंतर्गत खमरिया गांव में 28 वर्षीय सविता लोधी का शव गुरुवार सुबह गांव के पास एक बेर के पेड़ पर लटका मिला। ग्रामीणों ने जब आसपास के कुएं में देखा तो उसमें सविता की चार बेटियों (7 साल, 5 साल, 3 साल और चार महीने की मासूम) में तीन के शव तैरते हुए दिखाई दिए। जबकि छोटी बेटी की तलाश जारी है। महिला का पति पिछले एक साल से दूसरे शहर में मजदूरी करने गया हुआ है और घर नहीं लौटा था। घर में महिला अपने ससुर और छोटी बहन के साथ रहती थी। पिछली रात बच्चियां अपनी मौसी के पास सो रही थीं, लेकिन देर रात सविता उन्हें उठाकर अपने साथ ले गई थी। इसके बाद घटना को अंजाम दिया। दूसरी घटना खरगोन जिले की है। यहां सनावद थाना इलाके में एक मां ने अपने ही 3 मासूम बच्चों की हत्या कर दी। महिला ने अपने तीनों बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद खुद भी छलांग लगा दी। आरोपी महिला नानी बाई ने पहले अपने दो साल के बेटे अर्जुन और चार साल के बेटे करण को कुएं में फेंका। इसके बाद वो अपने महज 20 दिन के नवजात शिशु को साथ लेकर कुएं में कूद गई। नानी बाई तैरना जानती थी। कुएं में कूदने के बाद जब उसका दम घुटने लगा तो तैरते हुए कुएं के छोर पर आई और सीढ़ी के सहारे कुएं से बाहर आ गई।
