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Thursday, 19 March 2026

हमीदिया अस्पताल में हुआ हंगामा, ड्यूटी डॉक्टर्स पर गंभीर आरोप, प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश


रफीक खान
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी सरकारी अस्पताल हमीदिया हॉस्पिटल में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां जिस बच्चे की सांसे चल रही थी, उसका डेथ सर्टिफिकेट परिजनों को पकड़ा दिया गया। 4 घंटे बाद मरचुरी में उसके जिंदा रहने का वीडियो बनाया गया। डॉक्टर ने वीडियो बनाने से रोका और मारपीट की स्थिति बन गई। घटना को लेकर हंगामा हुआ। परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।Uproar erupts at Hamidia Hospital, with serious allegations leveled against duty doctors; management orders investigation

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि रायसेन जिले के बाड़ी बरेली निवासी परवेज अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। वहां उनकी पत्नी ने एक शिशु को जन्म दिया। परवेज का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर मुरचूरी भेज दिया। जबकि वह जीवित था। चार घंटे बाद जब मुरचूरी पहुंचे, तब भी उसकी सांसे चल रही थी। पेट हिल रहा था। जिसका वीडियो भी बनाया गया। डॉक्टर ने वीडियो बनाने से रोका। उनके साथ झूमा झटकी और मारपीट की स्थिति भी बन गई। यह पूरा मामला आरोप प्रत्यारोप में घिर गया है। उधर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला काफी क्रिटिकल स्थिति में लाई गई थी। डिलीवरी प्री मेचोर हुई है और बच्चा भी काफी कमजोर था। हार्टबीट ना मिलने के कारण डॉक्टर ने उसका डेट सर्टिफिकेट बना दिया। हालांकि प्रबंधन ने प्राथमिक तौर पर यह माना है कि मामले में जल्दबाजी हुई है। पहले बच्चे को NICU में रखा जाना था। उसकी पर्याप्त उपचार और देखरेख करना थी। इसके बाद ही वरिष्ठ चिकित्सकों की सलाह के बाद निर्णय लेना था। डेथ सर्टिफिकेट भी जल्दबाजी में जारी किया गया। यह सब तो एक घटनाक्रम था लेकिन सवाल यह है कि आखिर सरकारी अस्पतालों में यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा? इस तरह का वाक्या कोई नया नहीं है, पहले भी लापरवाही के कई नमूने सामने आ चुके हैं। सरकार और सरकार का इतना बड़ा लाव लश्कर कब अपने को जवाबदार मानेगा और जिम्मेदारी निभाएगा?