सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट कहा- यह सिर्फ अंतरिम राहत, निर्णय सब कुछ तय करेगा, चुनाव आयोग से जवाब तलब - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Thursday, 19 March 2026

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट कहा- यह सिर्फ अंतरिम राहत, निर्णय सब कुछ तय करेगा, चुनाव आयोग से जवाब तलब


रफीक खान
मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की जीत को हार में बदलने वाले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने ब्रेक लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए उनकी विधायकी को बरकरार रखा है। अपने स्पष्ट आदेश में मुकेश मल्होत्रा को हिदायत दी गई है। चुनाव आयोग से पूरे मामले में विस्तृत ब्यौरा तलब कर अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 23 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। इस तरह पूर्व मंत्री तथा भाजपा नेता रामनिवास रावत की हाई कोर्ट से हुई जीत पर रोक लग गई है। The Supreme Court clearly stated in its order that this is only interim relief; the decision will decide everything; the Election Commission has been summoned.

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट विवेक कृष्ण तंखा द्वारा दलील दी गई कि कथित जानकारी छिपाने का आरोप तकनीकी है और इसका विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यह भी कहा गया कि निचली अदालत ने बिना गहराई से तथ्यों की जांच किए जनादेश को पलट दिया। कोर्ट ने इन दलीलों को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए निचली अदालत के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम स्टे दे दिया। मुकेश मल्होत्रा विधानसभा में उपस्थित रह सकते हैं, लेकिन किसी भी प्रकार की वोटिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। विधायक निधि (एमएलए फंड) का उपयोग नहीं कर सकेंगे। विधायक के रूप में मिलने वाली सुविधाएं सीमित रहेंगी। गवाहों, साक्ष्यों या दस्तावेजों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। मामले को लेकर सार्वजनिक मंचों पर कोई भ्रामक या दबाव बनाने वाला बयान नहीं देंगे। अंतिम फैसले के बाद सब कुछ तय हो जाएगा।