रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में स्वर्गीय डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की 25000 वर्ग फुट से ज्यादा की संपत्ति का दान पत्र एसडीम पंकज मिश्रा के द्वारा शून्य घोषित कर दिया गया है। इतना ही नहीं कॉलम 7 में दर्ज प्रविष्टि को भी संशोधित कर दिया है। दान पत्र के जरिए प्रॉपर्टी को हड़पने के आरोपी डॉक्टर जैन दंपति FIR दर्ज होने के बाद लगातार फरार चल रहे हैं। वह एसडीएम कोर्ट में बयान देने के लिए भी नहीं पहुंचे। In a much-discussed case from Jabalpur, column 7 of the property listing for 25,000 square feet was amended.
जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि राइट टाउन निवासी स्व. हेमलता श्रीवास्तव की विवादित 25 हजार 45 वर्गफुट जमीन अब पूरी तरह से निगम के अस्तित्व में आ गई है। एसडीएम अधारताल पंकज मिश्रा की कोर्ट में चली सुनवाई के बाद सुमित जैन और प्राची जैन के नाम से पूर्व में हुये दानपत्र को 6 मार्च 2026 को पारित किए गए आदेश के तहत पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया गया। वहीं एक धार्मिक संस्था को मिली बसियत को कोर्ट में सिद्ध करना होगा, उसके बाद ही उनका हक मिल सकेगा। उक्त विवादित संपत्ति पर पूर्व में नगर निगम का अधिपत्य हो ही चुका है लेकिन अब एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद अधिकार अब पूरी तरह से पुख्ता हो गया। निगम प्रशासन ने हाई कोर्ट तथा संबंधित सिविल कोर्ट में पहले से ही केबियट लगा रखी है। उल्लेखनीय है कि IMA की शिकायत और मीडिया ट्रायल के दौरान ही हेमलता को होश आ गया और कलेक्टर जबलपुर राघवेंद्र सिंह ने एक्शन लेकर एसडीएम पंकज मिश्रा को ब्यान लेकर कार्यवाही करने का आदेश दिया था, जिसके परिपालन में तेजी के साथ सुनवाई उपरांत आदेश पारित कर दिया गया।
