रफीक खान
मध्य प्रदेश में वकीलों को कोर्ट और बैंड पहनने का अधिकार देने तथा रोकने वाली संस्था स्टेट बर काउंसिल के चुनाव में शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। नामांकन पत्रों की स्क्रुटनी के बाद जहां 119 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने का मौका प्रदान किया गया। वहीं 19 नामांकन पत्रों को निरस्त कर दिया गया. इनमें अपराधिक प्रकरण वाले प्रत्याशी तथा अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी शामिल है। जबलपुर से मुख्य तौर पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा तथा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव परितोष त्रिवेदी का नामांकन पत्र निरस्त किया जाना मुख्य रूप से चर्चा का विषय बना रहा। अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। इस बीच स्टेट बर काउंसिल में तदर्थ अध्यक्ष के रूप में मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह को नियुक्त किया गया है, जिन्होंने शुक्रवार को ही अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। Advocate General Prashant Singh elected president, 119 candidates contest, Bar Association officials to go to the Supreme Court
म.प्र. में अधिवक्ताओं की सबसे बडी शीर्ष संस्था मप्र. राज्य अधिवक्ता परिषद की कार्यकारिणी का कार्यकाल पूर्ण हो गया। जिसके उपरांत बार कौसिंल को आगे संचालित करने हेतु बार कौसिंल ऑफ इंडिया नई दिल्ली ने एक समिति गठित कर म.प्र. के महाधिवक्ता प्रशान्त सिंह को स्टेट बार कौंसिल का नया अध्यक्ष तथा ग्वालियर के अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपेन्द्र कुशवाह व केन्द्र सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरू को सदस्य नियुक्त किया है।महाधिवक्ता प्रशान्त सिंह ने तत्काल ही बार कौसिंल में अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर प्रदेश के अधिवक्ताओ के हितार्थ कार्य प्रारंभ कर दिया। इस अवसर पर परिषद के सचिव आशीष आनंद सहित उपस्थित सभी कर्मचारियो ने नये अध्यक्ष का पुष्पहारो से स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि स्टेट बार कौसिल की कार्यकारिणी का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। कार्यकाल पूर्ण होने के उपरांत प्रति 5 वर्ष में होने वाले चुनाव आगामी 12 मई को है। मध्य प्रदेश में स्टेट बार काउंसिल के सदस्य का चुनाव लड़ने वालों की अंतिम सूची जारी कर दी है, जो समाचार के साथ संलग्न है।



