रफीक खान
मध्य प्रदेश के चंबल अंचल विधानसभा क्षेत्र पिछोर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रीतम लोधी ने इलाके के एसडीओपी को बहुत ही तीखे शब्दों में चेतावनी दे डाली है। विधायक का कहना है कि एसडीओपी ने उनके बेटे को करेरा में दिख ना जाने की धमकी दी है, जिसे वह सहन नहीं कर सकते और इसका सीधा जवाब दे रहे हैं। सुन एसडीओपी करेरा तेरे डैडी का नहीं है, औकात में रहना, क्या कर रहे हो, कैसा काम चल रहा है, सब हिसाब लूंगा.... आदि -आदि...! विधायक के इस लहजे का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। Leader father of youth who crushed five people with Thar jeep issues open threat, video goes viral
उल्लेखनीय है कि करैरा में 16 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी अपनी थार से थाने के पास स्थित जिम जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने तेजी व लापरवाही से कार चलाते हुए राहगीरों को टक्कर मार दी थी। हादसे में संजय परिहार अशीष परिहार, अंशुल परिहार, सीता वर्मा, पूजा सोनी घायल हो गए थे। पांचों लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। संजय परिहार की शिकायत पर आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ पुलिस ने धारा 281, 125ए बीएनएस के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया है। उसके बाद पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी निवासी जलालपुर को पुलिस ने रविवार को पूछताछ और स्टेटमेंट दर्ज करवाने के लिए थाने बुलाया। विधायक पुत्र की गाड़ी की काली फिल्म व हूटर लगे हुए थे। उनके वाहन पर अब भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था। इसके चालते पुलिस ने वाहन पर से काली फिल्ट व हूटर हटवा दिए। इसके अलावा यातायात नियमों का उल्लंघन करने के चलते धारा 185 (4), 100/177 एमव्ही एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई भी की। इसके अलावा एसडीओपी डॉ आयुष जाखड़ (आईपीएस) व टीआई विनोद छावई पुलिस फोर्स के साथ विधायक पुत्र को थाने से पैदल ही घटना स्थल तक लेकर गए, जहां आरोपी विधायक पुत्र ने पूरी घटना के बारे में पुलिस को बताया। उधर पुलिस कार्रवाई के बीच विधायक ने आरोप लगाया कि एसडीओपी ने उनके बेटे को करेरा में ना दिखने की चेतावनी दी है। सोमवार की सुबह पिछोर विधायक का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह करैरा एसडीओपी के पद पर पदस्थ आईपीएस अधिकारी डॉ आयुष जाखड़ को धमकी भरे अंदाज में यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि करैरा क्या करैरा तुम्हारे डैडी की है..? मैं तुम्हें कहना चाहता हूं बेटा करैरा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। मैं कहना चाहता हूं एसडीओपी महोदय से हमारा इतिहास भी देख लेना। हमारे साथ अगर गलत व्यवहार करोगे तो हम सहन नहीं करेंगे। एक आदिवासी महिला का एक्सीडेंट हो जाता है, तो क्या वहां देखने के लिए गए थे एसडीओपी? वहां नहीं गए, क्योंकि वहां पैसा नहीं मिलना था। तुम तो वहां जाते हो जहां पैसा मिलता है। मैं ऐसे अधिकारी को कहना चाहता हूं कि अपनी औकात और कानून के दायरे में रहे। कानून हमें भी आता है और कानून हम भी जानते हैं।
