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Tuesday, 28 April 2026

महिला आईएएस अधिकारी ने क्यों बनाया दबाव? सरकार के जवाब पर लगाई फटकार, फैसला सुरक्षित किया


रफीक खान
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक महिला आईएएस अधिकारी के फार्म हाउस पर आबाद जुआ फड़ पर धावा बोलने वाले थाना प्रभारी और 2 सब इंस्पेक्टर्स को पुरस्कृत नहीं बल्कि सस्पेंड कर दिया गया। यह अजीबोगरीब फैसले से पुलिस वाले काफी आहत हुए और थाना प्रभारी ने मामले को हाई कोर्ट तक पहुंचा दिया। पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों की नजरअंदाजी और उदासीनता के कारण हाई कोर्ट की शरण लेने मजबूर होना पड़ा। Why did the female IAS officer exert pressure? She rebuked the government's response and reserved her decision.

गौरतलब है कि 10 और 11 मार्च 2026 की रात पुलिस ने आईएएस अधिकारी, मप्र वित्त निगम की एमडी वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर जुआ खेलते हुए कुछ लोगों को पकड़ा था। 11 मार्च को टीआई हिहोरे सहित दो एसआई को निलंबित कर दिया गया था। बाद में दो पुलिसकर्मियों का निलंबन तो निरस्त हो गया लेकिन हिहोरे को बुरहानपुर अटैच कर दिया गया। जुआ पकड़ने वाले थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिहोरे को निलंबित करने के मामले में हाई कोर्ट में चल रही याचिका में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने सवाल उठाए कि आईएएस अधिकारी के बयान क्यों नहीं लिए गए थे? जुआ पकड़ने वाले थाना प्रभारी को निलंबित क्यों किया गया? फार्म हाउस पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज कहां हैं? कोर्ट ने मामले में तर्क सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। आरोप लगाया कि उन्होंने आईएएस का नाम और जगह नहीं बदली थी, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाया था कि जगह और आईएएस का नाम बदला जाए।बाद में जब उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की तो उनका मुख्यालय इंदौर से बुरहानपुर कर दिया गया। हाई कोर्ट ने शासन से पूछा कि टीआई हिहोरे ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इसका क्या मतलब लगाया जाए? कोर्ट ने इस मामले में आईएएस वैद्य के बयान नहीं होने पर भी सवाल खड़े किए। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि टीआई पेट्रोलिंग पर थे, सूचना मिली और उन्होंने अधिकारियों से वारंट लेकर कार्रवाई कर जुआ पकड़ा, बावजूद इसके उन्हें सजा क्यों दी गई।