चिनार बिल्डर पर FIR, 100 करोड़ की धोखाधड़ी, 7 आरोपियों पर ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Sunday, 24 December 2023

चिनार बिल्डर पर FIR, 100 करोड़ की धोखाधड़ी, 7 आरोपियों पर ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण

 




Rafique Khan


मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित चिनार बिल्डर के डायरेक्टर्स पर FIR दर्ज की गई है। यह FIR 100 करोड रुपए की धोखाधड़ी के मामले में हुई है। दरअसल होशंगाबाद रोड के रतनपुर में 23 एकड़ जमीन पर कॉलोनी काटने तथा मकान आदि बेचने के मामले में बड़ा फ्रॉड किया गया।आरोपियों ने कॉलोनी काटने के नाम पर पहले लोन लिया और बिना लोन चुकाए मकान मालिकों को अनापत्ति पत्र देकर मकान बेच दिए। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में काफी जांच पड़ताल की और अंत में सात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।


इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि होशंगाबाद रोड के रतनपुर में 23 एकड़ जमीन पर मकान बनाए गए हैं। 100 करोड़ की धोखाधड़ी का राज खुलने के बाद चिनार फर्म के बिल्डर सुनील मूलचंदानी, गोपीचंद मूलचंदानी, मृतक माया मूलचंदानी, अनु मूलचंदानी, मनित मूलचंदानी, चिनार रियलिटी पावर लिमिटेड, चिनार रिटेल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी के खिलाफ धारा 406,420,467,468,471 और 120 B के तहत एफआईआर की गई है।

कई बार बैंक से लोन लिया गया

बताया जाता है कि होशंगाबाद रोड के रतनपुर में साल 2009 में चिनार फर्म के बिल्डर सुनील मुलचंदानी ने 23 एकड़ जमीन पर मकान बनाने समेत कई प्रोजेक्ट लाने के लिए बैंक से लोन लिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2014 तक करीब 2200 फ्लैट्स और शापिंग मॉल समेत अन्य निर्माण कार्य होना था। इसके लिए सुनील ने भूमि स्वामियों को झांसे में लेकर उस जमीन को डीएचएलएफ होम लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखवाकर 44 करोड़ का ऋण ले लिया। प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ तो दोबारा 63 करोड़ का लोन लिया गया। इसके बाद कई बार बैंक से लोन लिया गया। फाइनेंस कंपनी ने केवल तीन एनओसी जारी की थी, लेकिन सुनील ने फर्जी एनओसी बनाकर कई रजिस्ट्रियां भी करवा दी। इस मामले में बैंक कर्मियों के भी इसमें शामिल होने की बात सामने आई।