Rafique Khan
मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में घटित सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड के मास्टरमाइंड इंदौर के इपीएफ कमिश्नर मुकेश रावत को पुलिस ने दबोच लिया है। इपीएफ कमिश्नर मुंबई के रास्ते हवाई यात्रा के जरिए विदेश भागने की फिराक में थे। वह तो सही समय पर पुलिस को जानकारी मिल गई और मुंबई पुलिस की मदद से इपीएफ कमिश्नर को गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि आरोपी EPF कमिश्नर मुकेश रावत, सरपंच विक्रम रावत के मर्डर का आरोपी है। ग्वालियर पुलिस ने उस पर 10 हज़ार रुपए का इनाम घोषित किया था। विक्रम रावत ग्वालियर जिले के बनहेरी गांव के सरपंच थे. उनकी इसी साल 9 अक्टूबर को दिन दहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. वो अपनी गाड़ी से उतरे ही थे कि पहले से तैयार बाइक सवार युवक और उनके साथियों ने घेरकर उन्हें गोलियों से भून दिया. विक्रम की मौके पर ही मौत हो गयी थी।
56 दिन बाद गिरफ्त में आया
बताया जाता है कि EPF कमिश्नर मुकेश रावत 56 दिन बाद गिरफ्त में आया। हमले में विक्रम रावत को आठ गोलियां लगी थीं, जिसके चलते घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई थी। दिनदहाड़े हुआ यह हत्याकांड सीसीटीवी में कैद हुआ था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर 13 लोगों को हत्याकांड का आरोपी बनाया था। हत्याकांड में EPF कमिश्नर मुकेश रावत मुख्य साजिशकर्ता आरोपी थे।
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