विधानसभा चुनाव : कहीं सटोरियों के चक्कर में बैठ न जाए एग्जिट पोल का भट्टा, चुनाव परिणाम के बाद कई मीडिया हाउस खो देंगे अपनी विश्वसनीयता, समीकरणों को तोड़ मरोड़ कर किया गया पेश - khabarupdateindia

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विधानसभा चुनाव : कहीं सटोरियों के चक्कर में बैठ न जाए एग्जिट पोल का भट्टा, चुनाव परिणाम के बाद कई मीडिया हाउस खो देंगे अपनी विश्वसनीयता, समीकरणों को तोड़ मरोड़ कर किया गया पेश




Rafique Khan


परंपरागत तौर पर कोई भी चुनाव होता रहा तो मतदान के पहले तक तमाम तरह की प्लानिंग, साजिश और हथकंडों का इस्तेमाल किया जाता रहा लेकिन अब सारी हदों को लांघकर नई-नई हिमकमतों का उपयोग किया जा रहा है। इस बार के विधानसभा चुनाव में खासतौर से मध्य प्रदेश पर राजनीतिक पार्टियों का कुछ ज्यादा ही फोकस रहा है। मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की आशंकाओं के चलते सियासी दलों ने सट्टा बाजारो पर निगाहें गढ़ाई और जब सट्टा बाजार में भी सत्ता परिवर्तन के संकेत मिलने लगे तो संबंधित एक तरह से बौखला गए। आनन-फानन में सटोरियों को संचालित किए जाने वाले बड़े समूहों से संपर्क साधा गया और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के मतदान के तुरंत बाद से प्रसारित किए जाने वाले एग्जिट पोल पर तथाकथित सटोरिया सवार हो गए, जिनके चक्कर में एग्जिट पोल की विश्वसनीयता का एक तरह से कहीं भट्टा न बैठ जाए


सूत्रों की अगर माने तो सटोरियों के दोनों हाथों में लड्डू है। वहां राजनीतिक पार्टियों से बड़ी डील करके पैसा बटोर लिया गया है तो यहां जीत - हार के दाव में भी उलट - पलट से उनका बड़ा गेम हो जाएगा। बहरहाल सट्टा बाजार के जानकारों का भी कहना है कि जिन सेंटर्स पर भरोसा किया जाता था, उन्होंने भी अचानक से अपना पाला बदल लिया। जिससे एग्जिट पोल और सट्टे के दामों पर भरोसा करना बड़ा मुश्किल सा लग रहा है। हालांकि अब जनादेश के उजागर होने का वक्त चंद घंटे ही दूरी पर है, 3 दिसंबर रविवार को सब कुछ पूरी तरह से साफ हो जाएगा और परिणाम आने के बाद कई मीडिया समूह विश्वसनीयता के कटघरे में आ खड़े होंगे।

एग्जिट पोल के आंकड़ों पर एक नजर

विभिन्न टीवी चैनल और मीडिया के माध्यम से एग्जिट पोल की अलग-अलग तस्वीर आम जनों के सामने रखी हैं। जहां एबीपी सी वोटर ने कांग्रेस को एक तरफ बहुमत दिखाया है। एबीपी ने कांग्रेस को 113 से 137 सीट्स दी है, बीजेपी को 88 से 112 सीट दी गई है। न्यूज़ 24 चाणक्य ने बीजेपी की सरकार बनते दिखा दी है, मध्य प्रदेश में भाजपा को 139 से 163 सीटों का प्रचंड बहुमत और कांग्रेस को मात्र 62 से 86 सीटों पर समेट दिया है। आज तक के एक्सेस ने जो एग्जिट पोल पेश किया है, उसमें भी भाजपा की एक तरफ जीत दिखाई गई है। इसमें भाजपा को 140 से 162 सीटों पर जीत बताई गई है, जबकि कांग्रेस को 68 से 90 सीटों पर दिखाया गया है। रिपब्लिक मेट्रिज ने बीजेपी को 118 से 130 और कांग्रेस को 97 से 107 सीटें दी है। टाइम्स नाउ एटीजी ने मुकाबला कांटे की टक्कर पर रखते हुए लगभग बराबरी पर लाकर दिखा दिया है। इनके एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा को 105 से 117 सीटें मिल रही हैं तो वहीं कांग्रेस को 109 से 125 सीट्स मिल रही है। भास्कर ने जो एग्जिट पोल दिखाया है, उसके अनुसार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है लेकिन सीटों का ज्यादा खास अंतर नहीं रहेगा। भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस को 10 से 12 सीटें अधिक मिलने की उम्मीद जताई गई है।

एग्जिट पोल के रिजल्ट से भी आगे जाकर दावा

एग्जिट पोल से जहां कांग्रेसी खेमे में स्वाभाविक तौर पर संशय की स्थिति निर्मित हुई है तो वही भारतीय जनता पार्टी में खुशी का माहौल है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मतदान के पूर्व किए जा रहे अपने दावों को एग्जिट पोल के माध्यम से सहित ठहरने में लग गए हैं। एग्जिट पोल के आधार पर जीत के फैक्टर भी बताए जाने लगे हैं, जबकि खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर सरकार के सभी वरिष्ठ मंत्री एग्जिट पोल के रिजल्ट से भी आगे जाकर दावा कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ तथा दिग्विजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता इसे झूठ का पुलिंदा और भारतीय जनता पार्टी की चाल निरूपित कर चुके हैं। कमलनाथ ने तो कार्यकर्ताओं को एक पत्र सार्वजनिक तौर पर लिखकर कहा है कि एग्जिट पोल के अनुमानों से जरा भी भ्रमित ना हो, एग्जिट पोल के आंकड़ों में उलट फेर के जरिए बड़े खेल की साजिश भाजपा कर सकती है। जिससे हर कार्यकर्ता को सतर्क रहना होगा। एग्जिट पोल कतई एग्जैक्ट नहीं कहा जा सकता है। 1971 के चुनाव में बिना किसी तकनीक के एग्जिट पोल दिखाने की कोशिश की गई थी। यही स्थिति पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के चुनाव के दौरान भी सामने आई थी।