केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने IAS अफसर पर जताई नाराजगी, कहा- आदिवासियों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, घटना से अधिकारियों ने किया इनकार - khabarupdateindia

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केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने IAS अफसर पर जताई नाराजगी, कहा- आदिवासियों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे, घटना से अधिकारियों ने किया इनकार





Rafique Khan

मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला संसदीय क्षेत्र के दिग्गज नेता सांसद तथा केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक आईएएस अफसर अनय द्विवेदी पर नाराजगी जताई है। कुलस्ते ने कहा कि जिन आईएएस अफसर को फील्ड में बात करने की तमीज नहीं है, उन्हें कार्यालय में अटैच किया जाना चाहिए। अनौपचारिक चर्चा में कुलस्ते ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से इस संबंध में बातचीत करेंगे। मध्य प्रदेश सरकार और खासतौर से मुख्यमंत्री से वे अपेक्षा भी करते हैं कि इस तरह के बदमिजाज अफसरो को सख्ती के साथ सबक सिखाएं।

केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के एक रिश्तेदार मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अधिकारी हैं। इन अधिकारी पर पिछले दिनों कंपनी के प्रबंध संचालक ने जातिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें मौजूदा पदस्थापना से हटाने की लिए निर्देश दिए थे। कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रबंध संचालक द्वारा केंद्रीय मंत्री के विधानसभा चुनाव परिणाम पर भी तंज किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस तंज पर भी कहा कि किसी अधिकारी को मेरे जीतने या हारने से क्या मतलब होना चाहिए। मेरी जीत या हार का उस अधिकारी से क्या संबंध है। इस तरह की चीजों को और बर्ताव को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने द्विवेदी के व्यवहार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से उनके एक रिश्तेदार अधिकारी को जाति सूचक प्रताड़ित किया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अधिकारियों के व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मुखर हो रही है। पहले शाजापुर कलेक्टर किशोर कन्याल, उसके बाद देवास में सोनकच्छ की तहसीलदार और अब एक आईएएस अधिकारी अनय द्विवेदी के व्यवहार पर सवाल उठे हैं।

इस तरह की भाषा का प्रयोग ठीक नहीं

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का आरोप है कि उनके बहनोई अशोक धुर्वे, जो पूर्व विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी में अधिकारी हैं, को अनय द्विवेदी ने जाति सूचक शब्द कहे और अपमानित किया। कुलस्ते का कहना है कि आईएएस द्विवेदी ने अशोक धुर्वे के लिये यहां तक कहा कि अब तो फग्गन सिंह चुनाव हार गए हैं, इन्हें यहां से हटा दो। कुलस्ते ने तो यहां तक कहा है कि हमारे आदिवासी वर्ग के भाइयों के समर्थन के चलते सरकार बनी है और खुद केंद्र सरकार उनके उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में इस तरह की भाषा का प्रयोग ठीक नहीं।

CGM धुर्वे व भागवतकर का वक्तव्य

केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के बयान और खबरों के प्रकाशन के बाद मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक वाणिज्य, भंडार और क्रय अशोक धुर्वे तथा संजय भागवतकर सीजीएम कार्य और आरएसएस द्वारा एक वक्तव्य जारी कर इस तरह की घटना से इनकार कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के बयान और खबरों के प्रकाशन के बाद मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक वाणिज्य, भंडार और क्रय अशोक धुर्वे तथा संजय भागवतकर सीजीएम कार्य और आरएसएस द्वारा एक वक्तव्य जारी कर इस तरह की घटना से इनकार कर दिया गया है। अशोक धुर्वे मुख्य महाप्रबंधक प्रबंधक (वाणिज्य, भंडार और क्रय) द्वारा जारी वक्तव्य के मुताबिक कहा गया है कि अनय द्विवेदी प्रबंध संचालक द्वारा किसी भी शासकीय मीटिंग या व्यक्तिगत रूप से मेरे विरुद्ध किसी भी प्रकार की जातिगत शब्दों या जातिसूचक टिप्पणी नहीं की गई है अपितु उनके मार्गदर्शन में मै पूर्व क्षेत्र कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय के दो विभाग के प्रमुख का दायित्व मुझे सौपा गया है जिसे मैं जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन कर रहा हूंl कोई गलती होने पर अथवा अच्छा काम परफॉर्म न करने पर वरिष्ठ अधिकारी का नाराज होना स्वाभाविक है बैठक में भी यही हुआ था। बैठक में एमडी द्वारा यह कहा गया था कि उनको ऊपर से कहा गया है कि कुलस्ते जी हार चुके हैं तो तुम्हें भी फील्ड भेज दें क्या परंतु एमडी सर ने ही मना कर दिया कि मैं उसे फील्ड में नहीं भेजूंगा' ऐसी बात हुई थी मेरे वर्जन को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। सी जी एम कार्य और आरडीएसएस संजय भागवतकर के मुताबिक अशोक धुर्वे का प्रकरण मेरे संज्ञान में आया है इसके बारे में बताना चाहता हूं कि श्री द्विवेदी साहब ने अशोक धुर्वे जी को लेकर किसी भी प्रकार के जातिवाचक शब्दों का उपयोग नहीं किया गया है और ना ही इस प्रकार की भाषा का उपयोग वे कभी करते हैंl मैं भी उस दिन बैठक में मौजूद था जैसा बताया जा रहा है ऐसा कुछ नहीं हुआ था। मैं खुद भी अनुसूचित जाति वर्ग से संबंध रखता हूं और मेरे सहित अन्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अधिकारियों के प्रति हमेशा सम्मानपूर्वक भाषा का उपयोग करते रहे हैं1