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खालिस्तान समर्थक राजस्थान का गैंगस्टर शंकर पहुंचा अयोध्या, पुलिस ने की बड़ी साजिश नाकाम, 3 संदिग्ध हुए गिरफ्तार



Rafique Khan

अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पूर्व श्री राम का झंडा लेकर खालिस्तानी समर्थक राजस्थान का गैंगस्टर शंकर अयोध्या जा पहुंचा। पुलिस ने बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद तीन संदिग्धों को और गिरफ्तार किया गया है। उधर प्रतिबंधित संगठन एसएफजे ने ऑडियो जारी कर इस घटना की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की। कार्रवाई के बाद समूचे उत्तर प्रदेश में पुलिस ने और अधिक सख्त व्यवस्था कर दी है तथा अयोध्या की तमाम सीमावरती इलाकों को सील कर दिया गया है । अब बिना अनुमति के कोई भी अयोध्या में दाखिल नहीं हो पाएगा।


जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि अयोध्या में जो तीन संदिग्ध पकड़े गए, वे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हमले की योजना के तहत भेजे गए थे। तीनों तय योजना के तहत सफेद स्कार्पियो में श्रीराम का झंडा लगाकर बुधवार सुबह अयोध्या पहुंचे थे और श्रद्धालु बनकर वहां रेकी कर रहे थे। खालिस्तान समर्थक संगठन एसएफजे ने राजस्थान के गैंगस्टर शंकर लाल दुसाद उर्फ शंकर जाजोद को यह जिम्मा सौंपा था। एटीएस ने पूछताछ के बाद शंकर व उसके साथी राजस्थान के ही अजीत कुमार शर्मा व प्रदीप पुनिया को गिरफ्तार किया है।प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (एसएफजे) के मुखिया गुरपतवंत सिह पन्नू ने तीनों को अपने संगठन का सदस्य बताते हुए उनके समर्थन में गुरुवार रात एक आडियो भी जारी किया था, जिसे लेकर जांच तेज की गई है।

हरमिन्दर सिंह के निर्देश पर अयोध्या भेजा गया

अयोध्या में 22 जनवरी को श्री रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान हमले की बड़ी साजिश नाकाम की गई है। एटीएस ने पूछताछ के बाद शंकर व उसके साथी राजस्थान के ही अजीत कुमार शर्मा व प्रदीप पुनिया को गिरफ्तार किया है। तय योजना के तहत शंकर अपने दोनों साथियों को लेकर सफेद स्कार्पियो में श्रीराम का झंडा लगाकर अयोध्या पहुंचा था। सुरक्षा एजेंसियों ने अयोध्या में सतर्कता और बढ़ाने के साथ ही संदिग्धों की खोजबीन भी तेज की है। शंकर लाल विदेश में रह रहे खालिस्तान समर्थक हरमिन्दर सिंह के निर्देश पर अयोध्या भेजा गया था। इस षड्यंत्र के पीछे मुख्य भूमिका गुरपतवंत सिंह पन्नू की थी, जिसने हरमिन्दर के माध्यम से शंकर लाल को अयोध्या जाकर आयोजन से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने व नक्शा भेजने का जिम्मा सौंपा था। इसके बाद हथियार भेजे जाने की तैयारी थी। शंकर के कब्जे से उसकी फोटो लगे दो अलग-अलग नाम के आधार कार्ड व राजस्थान निवासी धर्मवीर महाला के नाम-पते पर लिया गया सिम बरामद हुआ है। स्कार्पियो के पंजीकरण के दस्तावेज शंकर लाल के नाम हैं, जबकि वाहन पोर्टल पर गाड़ी का पंजीकरण फरीदाबाद निवासी श्रवण कुमार सरसवा के नाम है। सूत्रों का कहना है कि तीनों संदिग्ध बुधवार को आयोध्या पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक रेकी कर रहे थे।

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