"कलेक्ट्रेट" में "किसान" ने खाया जहर, दबंगों ने जमीन पर कर रखा है कब्जा, तहसीलदार फाइल खोलने तैयार नहीं, पत्नी ने लगाया आरोप कलेक्टर भी नहीं सुन रहे - khabarupdateindia

खबरे

Taj Diagnostic Center
★ DIGITAL X-RAY ★ SONOGRAPHY (USG) ★ CBC TEST ★ BLOOD SUGAR TEST ★ THYROID PROFILE ★ LIVER FUNCTION TEST (LFT) ★ KIDNEY FUNCTION TEST (KFT) ★ LIPID PROFILE ★ URINE TEST ★ PREGNANCY TEST ★ ECG ★ ALL ROUTINE & SPECIAL PATHOLOGY TESTS ★ हमारे यहाँ सभी प्रकार के टेस्ट कम दामो पर किये जाते है ★ आज ही संपर्क करे 9827328951, 9340621093

Thursday, 14 March 2024

"कलेक्ट्रेट" में "किसान" ने खाया जहर, दबंगों ने जमीन पर कर रखा है कब्जा, तहसीलदार फाइल खोलने तैयार नहीं, पत्नी ने लगाया आरोप कलेक्टर भी नहीं सुन रहे



 रफीक खान
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट में बीती शाम एक किसान सचेन्द्र कुशवाहा ने जहर खा लिया। किसान लंबे समय से परेशान बताया जा रहा था। किसान की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है और वह लगातार जिला प्रशासन के अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। तहसीलदार के पास फाइल रखी हुई है लेकिन वह उसे पर कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। किसान की पत्नी का आरोप है कि तहसीलदार और कलेक्टर उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मजबूरी में उसके पति ने यह कदम उठाया है। किसान को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट में जिस समय किसान ने जहर खाया, उस समय एक बीसी बैठक चल रही थी। जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी लगी तो मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस पहुंची आनन-फानन में 108 एंबुलेंस की सहायता से किसान को टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां पर उसका इलाज जारी है। किसान की पत्नी ने बताया कि उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और उसका परिवार पिछले 10 साल से परेशान है, जिसको लेकर वह लगातार टीकमगढ़ कलेक्टर और तहसीलदार के चक्कर लगा रही है। लेकिन कोई समस्या हल नहीं हुई, जिस कारण उनके पति ने कलेक्ट्रेट में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश ने कहा कि उसकी जमीन पर कब्जे का मामला है और उसकी आर्थिक स्थिति खराब कुछ दिन पहले चैंबर में आया था। लोन दिलाने की बात कर रहा था, जिसके लिए मैंने पिछड़ा वर्ग के तहत 100000 का लोन स्वीकृत कराया था।