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SDM की कुर्सी, लैपटॉप व अन्य सामान कुर्क, ADJ कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई, एसडीएम- बोले मुझे कुर्क किया होता तो ज्यादा खुशी होती

रफीक खान
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन MPRDC के निर्माण कार्यों को लेकर मुआवजा संबंधी एक मामले में मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की एक कोर्ट ने अनुविभागीय दंड अधिकारी एसडीएम SDM की कुर्सी, लैपटॉप तथा अन्य सामान कुर्क करने के आदेश पारित किया। इस आदेश के परिपालन में एसडीएम के दफ्तर में रखी कुर्सी, लैपटॉप तथा कई सामानों को विधिवत औपचारिकताओं के साथ तहसीलदार की उपस्थिति में कुर्क करने की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने कुर्की की इस कार्रवाई के बाद कहा कि बेहतर होता कि उन्हें खुद कुर्क किया जाता तो शायद ज्यादा खुशी होती। कोर्ट ने एसडीएम के इस बयान को आपत्तिजनक मानते हुए न्यायालय की अवमानना के रूप में लिया और उन्हें अवमानना नोटिस भी जारी कर दिया है।

इस संबंध में जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि विदिशा की एडीजे कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने सिरोंज एसडीएम हर्षल चौधरी की कुर्सी कुर्क करने की कार्रवाई की। कुर्सी कुर्क होने के बाद एसडीएम चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जनता के पैसे बचाने के लिए हाईकोर्ट में अपील की है। यदि मुझे भी कुर्क किया जाए तो सहर्ष तैयार हूं। अब एडीजे कोर्ट ने इस पोस्ट को अवमानना मानते हुए एसडीएम को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है। विदिशा जिले की सिरोंज तहसील अंतर्गत रोहिलपुरा चौराहे से बासौदा रोड तक बाईपास डालने के लिए कपिल त्यागी एडवोकेट और पवन जैन, अशोक जैन, रूपेश यादव, ओमप्रकाश झा, अर्चना भार्गव, हरिशंकर त्यागी, राहुल भार्गव, रामदयाल शर्मा समेत अन्य की भूमि अधिग्रहण की गई थी। भूमि स्वामी ने अधिग्रहण की गई भूमि का मुआवजा कम मिलने पर विदिशा कलेक्टर को आवेदन किया कि उनकी अधिग्रहण भूमि का मुआवजा कम मिला है। इस पर कलेक्टर ने न्यायालय सिरोंज को भूमि की राशि निर्धारण के लिए आवेदन भेजा गया था जिसमें प्रथम अपर जिला न्यायाधीश सिरोंज जिला विदिशा ने 27 फरवरी 2023 को अधिनियम पारित करते हुए एडवोकेट कपिल त्यागी को 1 करोड़ 9 लाख 32 हजार और ओम प्रकाश झा, पवन कुमार जैन, अशोक जैन, रुपेश यादव और अन्य को लगभग 6 करोड रुपए का भुगतान करने का निर्देश न्यायालय ने सिरोंज अनु विभागीय अधिकारी को दिया गया था। मुआवजा राशि न मिलने पर कपिल त्यागी एडवोकेट और अन्य प्रथम जिला न्यायाधीश सिरोंज के न्यायालय में एक वसूली करने का अधिकारी पेश करने आवेदन किया था। सिरोंज अनुविभागीय अधिकारी हषर्ल चौधरी की घोर लापरवाही और न्यायालय कार्य में उपेक्षा के चलते आज अनुविभागीय अधिकारी सिरोंज के कार्यालय के सामान की कुर्की हुई जिसमें शासन की बदनामी हुई ,शासन को उनकी लापरवाही की वजह से 30% ब्याज भी देना पड़ रहा है। विदिशा जिले में यह पहला मामला होगा, जिसमें प्रथम जिला न्यायाधीश के आदेश को अनुविभागीय अधिकारी सिरोंज ने तवज्जो नहीं दी। इस सामान की लगभग कीमत 2 दो लाख रुपए होगी। बकाया राशि की वसूली डिक्री धारी की डिक्री, राशि, कुर्क किए गए सामान की नीलामी और संबंधित अधिकारी को जेल भेज कर की जाएगी
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