5-5 समिति प्रबंधकों से एक साथ रिश्वत ले रहा था सहकारिता विभाग का असिस्टेंट रजिस्ट्रार, 1 लाख 15 हज़ार रुपए की घूस सहित रंगे हाथों गिरफ्तार Lokayukta police Trap - khabarupdateindia

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Thursday, 2 May 2024

5-5 समिति प्रबंधकों से एक साथ रिश्वत ले रहा था सहकारिता विभाग का असिस्टेंट रजिस्ट्रार, 1 लाख 15 हज़ार रुपए की घूस सहित रंगे हाथों गिरफ्तार Lokayukta police Trap


रफीक खान
रिश्वतखोरी में लिप्त अधिकारी किस तरह बेखौफ है और वह खुलेआम लाखों रुपए का लेनदेन कर रहे हैं। शाजापुर में लोकायुक्त पुलिस विशेष स्थापना शाखा की टीम ने वहां के एक सहकारिता विभाग में पदस्थ असिस्टेंट रजिस्ट्रार को 1 लाख 15 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सहकारिता विभाग में पदस्थ यह बड़ा अधिकारी एक साथ पांच-पांच लोगों से रिश्वत ले रहा था यानी कि उसे रिश्वत कोई अपराध नहीं लगती है बल्कि वह उसे अपना जन्म सिद्ध अधिकार मानकर बिना किसी से डरे प्रचलन में रखा हुआ था।

जानकारी के मुताबिक बताया जाता है कि आरसी जरिया पर आरोप है कि उसने 5 समिति प्रबंधकों से रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत लोकायुक्त को कर दी थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त ने आरसी जरिया को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी आरसी जरिया को उसी के दफ्तर में पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी आरसी जरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में उज्जैन से पहुंची टीम में लोकायुक्त के उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक, उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, इसरार, लोकेश, शिवकुमार शर्मा, रमेश डाबर, श्याम शर्मा, पांच साक्षी सहित 12 सदस्यीय दल शामिल था। बताया जाता है कि हरिदास वैष्णव ने शिकायत की थी कि सहायक आयुक्त आरसी जरिया कृषि उपज के उपार्जन करने वाली समिति प्रबंधकों से प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहे थे। पांच समितियों द्वारा उपार्जित किए गए गेहूं के हिसाब से 1 लाख 15 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही थी। निम्नलिखित समिति प्रबंधकों से रिश्वत मांगी गई।

1. दासताखेड़ी से 50,000
2. गोदना समिति से 16,000
3. केवड़ा खेड़ी समिति से 21,000
4. मंगलाज समिति से 9,000
5. नोलाय समिति से 19000

कुल 115000/- रिश्वत