टोल प्लाजा के नाम पर चीटिंगबाजी करने वाले हिस्ट्री सीटर अमित खंपरिया की संपत्ति कुर्क, करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने के बाद लंबे समय से चल रहा है फरार - khabarupdateindia

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टोल प्लाजा के नाम पर चीटिंगबाजी करने वाले हिस्ट्री सीटर अमित खंपरिया की संपत्ति कुर्क, करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने के बाद लंबे समय से चल रहा है फरार



रफीक खान
चीटिंग बाजी के अनेक मामलों में जेल जा चुका, सजा पा चुका तथा वर्तमान में दर्ज प्रकरणों में फरार चल रहा टोल प्लाजा का पूर्व कारोबारी हिस्ट्री सीटर अमित खमपरिया की संपत्ति कुर्क कर ली गई है। कुर्की का यह आदेश न्यायालय के निर्देश पर तहसीलदार जबलपुर द्वारा जारी किया गया है। इस तरह अब यह तमाम संपत्ति मध्य प्रदेश शासन के नाम पर दर्ज हो जाएगी। इस तरह फरार अमित खमपरिया इस संपत्ति का स्वामी नहीं रह जाएगा ना ही वह किसी तरह की खरीद-फरोख्त, लेन-देन आदि कर सकेगा। प्रशासन द्वारा न्यायालय के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि जबलपुर टोल प्लाजा के नाम से कंपनी चलाने वाले अमित खम्परिया ने उत्तरप्रदेश के बेलोन टोला प्लाजा का ठेका में पार्टनर बनाने का झांसा देते बुलंदशहर निवासी धनेंद्र सिंह राघव और सचिन गुप्ता से रकम ऐंठ ली थी। धनेंद्र सिंह राघव और सचिन गुप्ता ने शिकायत में पुलिस को बताया कि पार्टनरशिप में लिए हुए टोल की अवधि समाप्त होने पर सिक्योरिटी राशि और उसका मुनाफा मांगा तो अमित खम्परिया बोला कि टोल में बहुत पेनाल्टी लग गई है। आप लोगों के रुपए तभी वापस होंगे जब आप दूसरी बार भी टोल का संचालन हमारे साथ करोगे। अमित खम्परिया के कहने पर धनेंद्र और सचिन ने आरटीजीएस के माध्यम से अमित खम्परिया के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में कुल रकम 1 करोड़ 21 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। टोला प्लाजा का काम न मिलने पर दोनों युवकों ने दी हुई रकम वापस मांगी, चिटिंगबाजों ने कह दिया कि तुम लोगों की सारी रकम पेनाल्टी में डूब गई है, अब रुपए वापस नहीं मिलेंगे। अमित खम्परिया हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत, बलवा सहित कोर्ट से फर्जीवाड़ा करने के जैसे अनेक गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार है। फरार अमित खम्परिया पर थाना मदनमहल में धोखाधड़ी, अमानत में ख्यानत सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। थाना भेड़ाघाट में बलवा, हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। थाना गढा में मारपीट, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। थाना लार्डगंज में महामारी अधिनियम और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित साजिश रचने का प्रकरण दर्ज है। जिला कटनी के विजयराघवगढ थाना में चोरी, साजिश रचने और अवैध खनन का प्रकरण दर्ज है। जिला उमरिया के थाना मानपुर में मारपीट धमकी के 2 और कोतवाली में हत्या, हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज है। जिला मंडला के थाना खटिया में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा के 2 अपराध दर्ज हैं। दोनों में 5-5 साल की सजा हो चुकी है। इस प्रकरण में पिता, मौसा व रिश्तेदार को बचाने कोर्ट में फर्जी लोगों पेश कर जेल भिजवाया गया था।

फर्जीबाड़ा और धोखाधड़ी का आदी है खमपरिया

इसी तरह एक अन्य मामले में गोपीकृष्ण माहेश्वरी निवासी ग्राम सहसीपुर पोस्ट खम्हरिया जिला भदौही यूपी ने पुलिस मैं रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अमित खम्परिया के झांसा में आने के बाद कुंवरपुर टोलप्लाजा के लिए एनएचएआई को 3 करोड़ 38 लाख रुपए जमा कराए गए थे, जिसमें मैने 2 करोड़ 6 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से अमित खम्परिया के बताए गए बैंक आॅफ महाराष्ट्र शाखा संजीवनीनगर जबलपुर में ट्रांसफर किए थे। इन्हीं मामलों के तारतम्य में न्यायिक दण्डधिकारी सपना कनोडिया की कोर्ट में मामला प्रचलित है। न्यायालय न्यायिक दण्डअधिकारी सपना कनोडिया द्वारा तहसीलदार जबलपुर पूर्णिमा खंडायत को पत्र भेजा गया तथा कुर्की के निर्देश दिए गए। न्यायालय के उक्त आदेश के परिपालन में तहसीलदार द्वारा 6 खसरा नंबरों में दर्ज भूमि को कुर्क करने की कार्रवाई करते हुए राजस्व अभिलेखों में भी इसकी प्रविष्टि के आदेश जारी किए गए।