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Thursday, 21 August 2025

EOW का छापा, हैंड पंप मेंटेनेंस का बिल पास करने के लिए मांगी रिश्वत, दबोचे गए अधिकारी और कर्मचारी


रफीक खान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग यानी की PHE के कार्यपालन यंत्री और अकाउंटेंट क्लर्क को 24000 रुपए की रिश्वत लेते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम में गिरफ्तार किया है। बुधवार को हैंडपंप मेंटेनेंस का बिल पास करने के नाम पर जब यह रिश्वत ली जा रही थी, तभी छापामार दल ने दोनों को दबोच लिया। अधिकारी और कर्मचारी से सघन पूछताछ की गई। इनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्रवाई की जा रही है। लंबे समय से कार्यपालन यंत्री और अकाउंटेंट क्लर्क की शिकायतें लोकायुक्त पुलिस तथा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को मिल रही थी। लेनदेन की बातें होने के बाद रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मचारी को पकड़ा जा सका। EOW raid, bribe demanded to pass hand pump maintenance bill, officers and employees arrested

जानकारी के मुताबिक कहा जाता है कि आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने बुधवार को पीएचई विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह को 24 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। EOW की टीम ने अकाउंटेंट क्लर्क विकास पटेल को भी पकड़ा है। कार्यपालन यंत्री ने हैंडपंप मेंटेनेंस का बिल पास करने के लिए ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। उल्लेखनीय है कि दमोह के रहने वाले ठेकेदार रोहित बरौलिया ने सिहोरा ब्लॉक में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम लिया था। जिसे पूरा करने के बाद उन्होंने दमोह नाका स्थित मुख्य कार्यालय में 2 लाख 47 हजार रुपए का बिल लगाया था। बिल पास करने के लिए कार्यपालन यंत्री द्वारा 10% रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत रोहित ने जबलपुर आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो के एसपी अनिल विश्वकर्मा से लिखित में शिकायत की।शिकायकर्ता का कहना है कि उसने सिहोरा ब्लॉक के कई क्षेत्रों में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम किया था। उसका बिल पास करवाने के लिए कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह और क्लर्क विकास पटेल 24 हजार रुपए मांग रहे थे।